
नई दिल्ली।अमित शाह ने देश के नए गृह मंत्री का कार्यभार संभाल लिया है। गृह मंत्री बनते ही अमित शाह बिना देरी किए काम में जुट गए हैं। अमित शाह ने कार्यभार संभालते ही सबसे पहले इंटेलीजेंस ब्यूरो (आईबी) और खुफिया एजेंसी रॉ (RAW) के अफसरों के साथ बैठक की। पहले दिन ही गृह मंत्री की कार्य प्रणाली देखने के बाद रक्षा विशेषज्ञ अमित शाह को पाकिस्तान और कश्मीर के पत्थरबाजों का स्थायी इलाज मान रहे हैं। यहां तक कि रक्षा मामलों के जानकार उनको मोदी सरकार का 'लौह पुरुष' मान कर चल रहे हैं।
नरेंद्र मोदी का आभार प्रकट किया
गृह मंत्री का कार्यभार संभालते ही अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने मुझ पर भरोसा जताया है, इसके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आभारी हैं। शाह ने कहा कि देश की सुरक्षा और देशवासियों का कल्याण मोदी सरकार की प्राथमिकता है। इसके बाद उन्होंने मंत्रालय के अधिकारियों से मुलाकात की। अमित शाह ने जम्मू और कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक से मिलकर घाटी के हालात और कानून-व्यवस्था जैसे विषयों पर चर्चा की। इस दौरान राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने उनको जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ की जा रही कार्रवाई के बारे में अवगत कराया।
प्राथमिकता में आतंकवाद और अवैध प्रवा
गृह मंत्रालय से जुड़े सूत्रों के अनुसार उम्मीद है कि अमित शाह की प्राथमिकता में आतंकवाद और अवैध प्रवास रोकने के अलावा अन्य कई महत्वपूर्ण मुददे शामिल हैं। जबकि उनके सामने जम्मू-कश्मीर की वर्तमान स्थिति और असम में राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण (एनआरसी) से पैदा हुए हालात से निपटने की चुनौती भी है।
अमित शाह 30वें गृहमंत्री
आपको बता दें कि भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह ने देश के 30वें गृहमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला है। 55 वर्षीय नेता ने राजनाथ सिंह के स्थान पर यह पद संभाला है। उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में गृहमंत्री नियुक्त किया गया है। गृहमंत्री के तौर पर उनकी नियुक्ति के बाद, ऐसी चर्चा है कि जम्मू एवं कश्मीर में शाह की नीति महत्वपूर्ण होगी।
अमित शाह के सामने चुनौतियां
Updated on:
3 Jun 2019, 1:04 PM IST
Published on:
2 Jun 2019, 2:22 PM IST
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