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…जब स्टालिन ने करुणानिधि से कहा, ‘क्या आपको आखिरी बार अप्पा कह सकता हूं’

द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) के नेता एम. के. स्टालिन ने अपने दिवंगत पिता और पार्टी नेता एम. करुणानिधि की याद में बुधवार को एक भावुक पत्र लिखा।
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Mohit sharma

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Updated: 8 Aug 2018, 10:39 AM IST

Karunanidhi

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चेन्नई। द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) के नेता एम. के. स्टालिन ने अपने दिवंगत पिता और पार्टी नेता एम. करुणानिधि की याद में बुधवार को एक भावुक पत्र लिखा। पांच बार तमिलनाडु के मुख्यमंत्री रहे 94 वर्षीय करुणानिधि का यहां मंगलवार को एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। पत्र में स्टालिन ने कहा कि आपको अप्पा, अप्पा कहकर बुलाने की बजाए मैंने कई बार आपको थलाइवरय, थलाइवरय (मेरे नेता) कहकर बुलाया है। थलाइवरय क्या मैं आपको एक बार अप्पा कहकर पुकार सकता हूं।

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एम. करुणानिधि का मंगलवार को निधन

स्टालिन ने कहा कि तीस साल पहले, आपने कहा था कि आपकी कब्र पर ये शब्द अंकित होने चाहिए .. वह व्यक्ति जिसने आराम किए बिना काम किया था, यहां आराम कर रहा है। क्या आप तमिल समुदाय के लिए कड़ी मेहनत करने की संतुष्टि के साथ विदा हुए हैं। तमिलनाडु के पूर्व सीएम और डीएमके सुप्रीमो एम. करुणानिधि का मंगलवार (सात अगस्त) को निधन हो गया। करुणानिधि के निधन की खबर से उनके समर्थकों को गहरा आघात लगा और पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई।

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13 बार विधायक चुनकर आए

डीएमके चीफ की अंतिम इच्छा थी कि उनके बाद उनकी पुस्तैनी जमीन का इस्तेमाल जनसेवा के लिए किया जाए। यही कारण है उन्होंने अपनी पुस्तैनी जमीन ट्रस्ट के नाम लिख दी थी। वह इस जमीन पर गरीबों के लिए एक हॉस्पिटल बनाना चाहते थे। करुणानिधि न केवल 13 बार विधायक चुनकर आए, बल्कि पांच बार तमिलनाडु के मुख्यमंत्री भी रहे। उनके राजनीतिक करियर ने बुलंदियों को छुआ और जनता ने भी उनको अपना सिरमोर बनाया।