रविवार को कांग्रेस कार्यसमिति की बैठ हुई जिसमें सोनिया, राहुल, प्रियंका समेत कांग्रेस के कई बड़े नेता शामिल हुए थे। ये बैठ पाँच राज्यों में हार पर समीक्षा और पार्टी को मजबूत करने के लिए हुई थी। कांग्रेस के सूत्रों से ये खबर सामने आ रही है कि कार्यसमिति की बैठक में सोनिया गांधी ने ये बात स्वीकार की है कि उन्होंने अमरिंदर के खिलाफ सामने आ रही शिकायतों को नजरअंदाज किया था। जब मीटिंग में ये आवाज उठी कि अमरिंदर सिंह को पहले ही पद से हटा दिया जाना चाहिए था। इसपर सोनिया ने खेद व्यक्त किया कि वो ही अमरिंदर की संरक्षक बनी रही। इसके साथ ही सिद्धू को भी हार के लिए जिम्मेदार ठहराया गया।