वहीं, केंद्रीय मंत्री गडकरी के इस बयान को लेकर भाजपा की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। मोदी सरकार में मंत्री नितिन गडकरी का कहना था कि चूंकि नौकरियां घट रही हैं, इसलिए आरक्षण रोजगार की गारंटी नहीं है। गडकरी के इस बयान ने पहले से मराठा आंदोलन की तपिश में सुलग रहे महाराष्ट्र को झुलसाने का काम किया है। दरअसल, गडकरी का यह बयान औरंगाबाद में आरक्षण को लेकर मराठा समुदाय के आंदोलन को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में आया था। सवाल का जवाब देते हुए गडकरी ने कहा था कि अगर उनकी मांग मान भी ली जाए तो नौकरियां नहीं हैं। ऐसे में आरक्षण का क्या लाभ!