
Pratapgarh: उपवन संरक्षक कार्यालय में धरने के दौरान मांगों का ज्ञापन देते हुए।
प्रतापगढ़। जिले के छोटीसादड़ी में अवैध खनन रोकने के दौरान फॉरेस्ट रेंजर प्रताप सिंह चूंडावत की डंपर से कुचलकर मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार से जवाब मांगा है। अदालत ने घटना को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार को अब तक की कार्रवाई का विस्तृत ब्योरा पेश करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 6 अक्टूबर को होगी। दूसरी तरफ पुलिस ने मामले में वाहन मालिकों समेत चालकों को डिटेन किया है।
सुप्रीम कोर्ट में यह मामला राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल अभयारण्य में अवैध रेत खनन से जुड़े स्वत: संज्ञान प्रकरण की सुनवाई के दौरान सामने आया। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ के समक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता निखिल गोयल ने प्रतापगढ़ की घटना का उल्लेख किया। वह इस मामले में न्यायमित्र के रूप में अदालत की सहायता कर रहे हैं।
राजस्थान सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता शिव मंगल शर्मा ने बताया कि प्रतापगढ़ की घटना का चंबल अभयारण्य से संबंध नहीं है और यह अवैध रेत खनन का मामला भी नहीं है। उन्होंने अदालत को जानकारी दी कि पुलिस महानिदेशक से बातचीत की जा चुकी है और कार्रवाई की गई है। राज्य सरकार विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट दाखिल करेगी। अदालत ने अवैध खनन से जुड़े मामलों में निवारक निरोध जैसे सख्त कदमों पर विचार करने की बात भी कही।
पुलिस के अनुसार, 21 सितंबर की देर रात छोटीसादड़ी क्षेत्र में अवैध खनन की सूचना मिलने पर रेंजर प्रताप सिंह चूंडावत वनकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे थे। घटनास्थल के पास तालाब क्षेत्र में जेसीबी से कथित तौर पर अवैध मिट्टी खुदाई की जा रही थी। कार्रवाई के दौरान डंपर को रोकने की कोशिश की गई। इसी दौरान डंपर ने कुचल दिया, उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई।
पुलिस ने मामले में हत्या समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दो डंपर, एक जेसीबी और एक ट्रैक्टर जब्त किया है। वाहन मालिकों और चालकों को डिटेन कर पूछताछ की जा रही है। वहीं मुख्य डंपर चालक की तलाश में पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस अधीक्षक विशाल जांगिड़ ने मामले में साक्ष्य जुटाकर सभी पहलुओं से जांच करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
रेंजर की मौत के बाद क्षेत्रीय वन अधिकारी संघ और राजस्थान अधीनस्थ वन कर्मचारी संघ ने उपवन संरक्षक कार्यालय में धरना दिया। कर्मचारियों ने प्रताप सिंह चूंडावत को शहीद का दर्जा देने, सभी आरोपियों की गिरफ्तारी और उनकी स्मृति में शहीद स्मारक बनाने की मांग की। मांगें पूरी नहीं होने पर कार्य बहिष्कार और आंदोलन की चेतावनी दी गई।
उपवन संरक्षक सुरेश अग्रवाल ने बताया कि शहीद दर्जे और स्मारक के प्रस्ताव मुख्य वन संरक्षक, उदयपुर को भेजे गए हैं। पुलिस अधिकारियों से लगातार संपर्क कर आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
Updated on:
23 Sept 2026 10:05 pm
Published on:
23 Sept 2026 10:03 pm
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