
आज की भागदौड़ की जिंदगी में आर्थराइटिस यानी गठिया जैसी बीमारी से सिर्फ बुजुर्ग ही नहीं बल्कि युवा भी इसकी जद में आ रहे हैं। राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज हंडिया, प्रयागराज में गठिया उपचार केन्द्र एवं एडवांस्ड रिसर्च सेंटर बनाया गया है, जहां OPD में आने वाले मरीजों को महज एक रुपये में परामर्श, दवा और इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है।
प्रधानाचार्य प्रो विजय प्रकाश भारती ने बताया कि आयुष मंत्रालय ने UP में स्वास्थ्य सुविधाओं को बड़ा बढ़ावा दिया है। स्वस्थ, समृद्ध और विकसित भारत के संकल्प के साथ नेशनल आयुष मिशन हर गांव हर घर को सुलभ एवं गुणवत्तपूर्ण आयुष स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए संकल्पित है।
इसी कड़ी में आयुर्वेदिक कॉलेज में गठिया केन्द्र एवं पंचकर्म विभाग अपनी प्रभावी चिकित्सा सेवाओं से जटिल, जीर्ण, पेनफुल रोगों में फास्ट रिलीफ प्रदान कर रहा है। इसी के चलते स्थानीय रोगियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में दूर दूर से रोगी यहां उपचार करवाने पहुंच रहे हैं। उप अधीक्षिक डॉ प्रियंका सिंह ने बताया कि गठिया 50 से अधिक की उम्र में होने वाली बेहद आम बीमारी है। यह जोड़ों में दर्द, अकड़न और सूजन के कारण होती है। गठिया कई तरीके की होती है। इसके होने की वजह अलग-अलग होती है। गठिया केंद्र में डा विजय प्रताप सिंह, डा पंकज मिश्रा, डा पवन चौबे एवं डा दुर्गेश सिंह के द्वारा नियमित गठिया रोगियों का इलाज किया जा रहा है।
गठिया बीमारी शरीर की किसी भी जोड़ को प्रभावित करती है, जिसमें हाथ और कलाई घुटना, पैर टखना, कंधा पीठ का निचला हिस्सा शामिल होता है। गठिया में सबसे ज्यादा जोड़ों में दर्द, सूजन, लालिमा होती है। पंचकर्म चिकित्सा के विशेषज्ञ डा विजय प्रताप सिंह ने बताया कि गठिया के साथ साथ वेरिकोस वैन, माइग्रेन, तनाव, अनिद्रा, मोटापा, उच्च रक्तचाप, एलर्जी जैसी बीमारियों का पंचकर्म विधि से इलाज किया जा रहा है।
Updated on:
22 May 2025, 5:51 PM IST
Published on:
22 May 2025, 5:51 PM IST
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