
धान पौधों में बालियां निकलने के बाद किसानों को घटिया बीज सप्लाई का हुआ एहसास
साल्हेओना. धान बीज निगम बरमकेला से सप्लाई की गई धान बीज किसानों के द्वारा रोपने के बाद धोखा दे गई। रोपाई के बाद अब रजगा धान के रूप में बालियां निकल रहे है। इस मामले में शिकायत की गई लेकिन जांच के लिए एक पखवाड़े के बाद कृषि विभाग की टीम किसानों के खेत में पहुंची। जांच के दौरान विभिन्न प्रजाति के पौधे पाए गए।
सेवा सहकारी समिति लोधिया क्षेत्र के किसानों को खरीफ सीजन हेतु धान बीज वितरण किया गया था। जिसमें गोबर सिंघा के सुरेन्द्र पटेल, जयराम पटेल, भोगीलाल पटेल, रामबाबू पटेल ने भी उठाव कर रोपा पद्धति से एमटीयू १००१ बीज लाए थे। काफी मेहनत व जतन के बाद खेतों में धान फसल होने लगा लेकिन अब धान पौधों में बालियां निकलने लगी तो इन पौधों में रजगा धान के रूप में कई प्रजाति के धान बीजों के बालियां होने से किसानों को घटिया बीज सप्लाई होने का अहसास हुआ और इसकी शिकायत की गई। लेकिन शिकायत के बाद कृषि विभाग व धान बीज निगम ने मामले पर पर्दा डालने की भरपूर कोशिश की गई, लेकिन किसानों के आक्रोश को देखते हुए एक पखवाड़े के बाद जांच टीम गठित की गई।
बुधवार शाम को जांच टीम ग्राम गोबरसिंघा व ग्राम पुरैना के किसानों के खेतों में पहुंची। इस जांच टीम में कृषि विभाग रायगढ़ के एसएडीओ डीएस तोमर, एसडीओ टीआर भगत, इंस्पे. जैम्स मिंज, आरईएओ नीलेश राव एवं संजय भगत शामिल थे। जांच टीम ने सुरेन्द्र पटेल, जयराम पटेल, भोगीलाल पटेल, रामबाबू के रोपे गए धान खेतों का निरीक्षण किया गया। जिसमें आंशिक रूप प्रति वर्ग मीटर ०३ हिल विभिन्न प्रजाति के पौधे पाए गए। जांच टीम के अधिकारियों ने भी माना कि सप्लाई की गई धान बीज के कारण रजगा धान के रूप में किसानों के खेतों में पैदा हो रहे है। ऐसे में जांच टीम ने मौके पर निरीक्षण कर पंचनामा रिपोर्ट तैयार की। इस टीम ने गा्रम पुरैना के प्रमोद पाणिग्राही व गौरी पटेल के खेतों का भी निरीक्षण किया। जहां इनके खेतों में भी भारी मात्रा में रजगा धान उगने की शिकायत सही पायी गई।
-रजगा धान के मामले पर जांच कर ली गई है। दशहरा अवकाश खत्म होने के बाद जांच रिपोर्ट कलक्टर को सौंप दी जाएगी- टीआर भगत, जांच अधिकारी
Published on:
19 Oct 2018 04:27 pm
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