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CG News: पटवारी और RI पर गंभीर आरोप! भू-अर्जन नक्शे में छेड़छाड़ की शिकायतों के बावजूद जांच नहीं…

CG News: रायगढ़ जिले में NTPC रेल लाइन के प्रभावित क्षेत्र के मूल नक्शे में छेड़छाड़ कर अपात्रों को मुआवजा दिलाकर पात्र को वंचित करने का आरोप तत्कालीन पटवारी व आरआई पर लगाया गया है।
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रायगढ़

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Shradha Jaiswal

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Updated: 5 Oct 2025, 4:06 PM IST

पटवारी और RI पर गंभीर आरोप(photo-patrika)

CG News: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में NTPC रेल लाइन के प्रभावित क्षेत्र के मूल नक्शे में छेड़छाड़ कर अपात्रों को मुआवजा दिलाकर पात्र को वंचित करने का आरोप तत्कालीन पटवारी व आरआई पर लगाया गया है। इस मामले में जिला प्रशासन से कई बार शिकायत हुई, लेकिन विडंबना है कि अब तक इस मामले में जांच शुरू तक नहीं हो पाया है। वर्ष 2014-15 में एनटीपीसी तिलाईपाली से लारा तक रेल लाइन के लिए भू-अर्जन किया गया।

CG News: पटवारी व RI के उपर लगाया गया गंभीर आरोप

इस भू-अर्जन की कार्रवाई में जिला मुख्यालय से लगे ग्राम जुर्डा में राजस्व विभाग के कर्मचारियों ने खुलकर मनमानी की है। इस मामले में हुई शिकायत के बाद भी संबंधितों के खिलाफ जांच कराने के बजाए संरक्षण देने का कार्य किया जा रहा है। कलेक्टर जनदर्शन से लेकर वित्त मंत्री तक किए गए शिकायत में ग्राम जुर्डा निवासी चंद्रमा भोय ने शिकायत के साथ ही मूल नक्शे की सत्यापित प्रतिलिपि भी संलग्न किया है जिसमें स्पष्ट रूप से दिख रहा है कि किस तरह से मूल नक्शे में छेड़छाड़ किया गया है।

अलग-अलग वर्षो में निकाले गए सत्यापित प्रतिलिपि में यह स्पष्ट देखने को मिल रहा है कि प्रभावित भूमि का स्थान बार-बार बदला गया है। इस मामले की शिकायत को लेकर पीड़ित ने वित्त मंत्री को भी पूरे मामले से अवगत कराया है। दस्तावेजों का अध्यन करने के बाद वित्त मंत्री ने मामले में निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन पीड़ित को दिया है। इसके बाद भी मामले में अब तक जांच करना तो दूर की बात है अब तक जांच के लिए टीम गठित नहीं नहीं की गई है।

क्या है पूरा मामला

चंद्रमा भोय ने शिकायत में बताया है कि उसके पिता अंकुर भोय की भूमि खसरा नंबर २93/3 एवं 293/8 में 0.429 हेक्टेयर भूमि के लिए पिता की मृत्यु के पश्चात भाई उग्रसेन एवं सुरेशन ने जिला कलेक्टर को आवेदन दिया, जिसमें अंकुर की दोनों पुत्रियों मून एवं सपना को आवेदक बनाया गया। जुलाई 2013 में दोनों बहनों का नाम विवाद से हटा दिया गया, लेकिन पहले उसी गाँव में खसरा नंबर 293/3, मूनलाइट भोय के नाम पर दर्ज हो गया।

293/8 खा में 0.081 हेक्टेयर भूमि। मूल मानचित्र में पहले भूमि प्रभावित बताई गई थी, लेकिन बाद में अप्रभावित बताई गई। भू-आपदा में गई भूमि के एवज में 28 लाख 40 हजार 141 रुपए का मुआवाजा व पुर्नवास के रूप में 5 लाख रुपए उग्रसेन व सुरेशन के नाम पर प्रदाय कर दिया गया। एसडीएम रायगढ़ महेश शर्मा ने कहा की अगर शिकायत हुई है तो निश्चित तौर पर जांच होगी। प्रकरण देखकर ही कुछ बता पाऊंगा।