
रायगढ़. किरोड़ीमल नगर पंचायत में स्टे और नोटिस का खेल समाप्त होने का नाम नहीं ले रहा है। नए सीएमओ रामायण पाडेंय के पदभार ग्रहण करते ही पूर्व सीएमओ गोपाल दुबे ने नगर निगम आयुक्त को पत्र जारी किया है। इस पत्र में न्यायालय की अवमानना का हवाला दिया है। वहीं पत्र के माध्यम से आयुक्त से पूछा है कि उन्होंने अनजाने में रामायण पाडेंय को रिलिव किया है या फिर जानबूझ कर। साथ ही उनके जवाब के बाद न्यायालय की अवमानना के मामले में एक बार फिर न्यायालय की शरण में जाने की बात कही है।
यह हाई वोल्टेज ड्रामा ग्राम सुराज अभियान के दौरान तब शुरू हुआ जब राशन कार्ड नहीं बनाए जाने के बाद नपं के हितग्राहियों ने सुराज शिविर के अधिकारियों पर अंडे, टमाटर और चूडिय़ां फेंकते हुए नाराजगी जाहिर की। इस नाराजगी के बाद शासन ने तात्कालीन सीएमओ पर सुराज अभियान में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए निलंबित कर दिया। साथ ही नगर निगम में कार्यरत रामायण पाडेंय को नपं किरोड़ीमल का नया सीएमओ नियुक्त किया।
उधर तात्कालीन सीएमओ गोपाल दुबे ने शासन के द्वारा की गई निलंबन की कार्रवाई को गलत बताते हुए न्यायालय की शरण में पहुंचे। बताया जा रहा है कि न्यायालय ने उक्त प्रकरण पर सुनवाई करते हुए मामले का निराकरण करने शासन को आदेशित किया था। वहीं मामले का निराकरण नहीं होने के पूर्व नगर निगम आयुक्त ने रामायण पाडेंय का रिलिव किया और रिलिव होते ही शनिवार को रामायण पाडेंय ने नपं किरोड़ीमल में सीएमओ का पदभार ग्रहण कर लिया। ऐसे में गोपाल दुबे ने नगर निगम आयुक्त को पत्र भेजा है।
इसमें यह कहा गया है कि न्यायालय उक्त मामला विचाराधीन है। इसके बाद भी निगम आयुक्त ने रामायण पाडेंय का रिलिव कर दिया। यह निगम आयुक्त के द्वारा जानबुझ कर किया गया है या फिर अनजाने में किया गया है। खास बात यह है कि गोपाल दुबे के द्वारा दिए गए इस पत्र में एक दिन में जवाब दिए जाने की बात कही गई है। वहीं जवाब नहीं मिलने की स्थिति में उनके द्वारा न्यायालय की अवमानना मामले को लेकर फिर न्यायालय जाने की बात कही गई है।
शासन ने नगर पंचायत किरोड़ीमल में सीएमओ का दायित्व दिए जाने का आदेश जारी है। इस आदेश के बाद मुझे नगर निगम से रिलिव किया गया। इसके बाद किरोड़ीमल नगर पंचायत में ज्वाइनिंग दी गई- रामायण पाडेंय, सीएमओ, किरोड़ीमलनगर
Published on:
23 Apr 2018 08:06 pm
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