नई गाइडलाइन के अनुसार 11वीं-12वीं में पीसीबी यानी फिजिक्स, कैमेस्ट्री, बायोलॉजी के अलावा पीसीएम फिजिक्स, कैमेस्ट्री व मैथ्स लेने वाले छात्र नीट यूजी में शामिल हो सकेंगे। दोनों ही स्ट्रीम के छात्रों को अंग्रेजी विषय पढ़ना अनिवार्य होगा। यही नहीं 11वीं-12वीं में नियमित पढ़ने वाले छात्र ही नीट यूजी के लिए पात्र होंगे। विशेषज्ञों के अनुसार मैथ्स वाले छात्रों के नीट देने से उन्हें भी डॉक्टर बनने के मौके मिलेंगे। प्रदेश में पिछले साल 41 हजार से ज्यादा छात्रों ने नीट यूजी दी थी। इस साल छात्रों की संख्या बढ़ने की संभावना है।