
अब12वीं पीसीएम वाले भी बन सकेंगे डॉक्टर
रायपुर। CG Education : अब 12वीं मैथ्स वाले भी डॉक्टर बन सकेंगे। एमबीबीएस में एडमिशन के लिए अब तक अनिवार्य बायोलॉजी विषय जरूरी नहीं होगा। नीट यूजी में शामिल होने के लिए छात्रों को 11वीं और 12वीं में मैथ्स के साथ बायो टेक्नोलॉजी अतिरिक्त विषय के रूप में लेना होगा। नेशनल मेडिकल कमीशन ने गुरुवार को नीट यूजी के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। यह गाइडलाइन अगले साल होने वाली नीट यूजी में लागू होगी। प्रदेश में 10 सरकारी व 3 निजी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की 1910 सीटें हैं।
नई गाइडलाइन के अनुसार 11वीं-12वीं में पीसीबी यानी फिजिक्स, कैमेस्ट्री, बायोलॉजी के अलावा पीसीएम फिजिक्स, कैमेस्ट्री व मैथ्स लेने वाले छात्र नीट यूजी में शामिल हो सकेंगे। दोनों ही स्ट्रीम के छात्रों को अंग्रेजी विषय पढ़ना अनिवार्य होगा। यही नहीं 11वीं-12वीं में नियमित पढ़ने वाले छात्र ही नीट यूजी के लिए पात्र होंगे। विशेषज्ञों के अनुसार मैथ्स वाले छात्रों के नीट देने से उन्हें भी डॉक्टर बनने के मौके मिलेंगे। प्रदेश में पिछले साल 41 हजार से ज्यादा छात्रों ने नीट यूजी दी थी। इस साल छात्रों की संख्या बढ़ने की संभावना है।
सर्टिफिकेट भी देगा एनएमसी
गाइडलाइन के अनुसार एनएमसी अब ऐेसे छात्रों को इलिजिबिलिटी सर्टिफिकेट भी जारी करने पर विचार कर रहा है। इस सर्टिफिकेट से छात्र विदेश के मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस पढ़ने के लिए पात्र हो जाएंगे। एनएमसी का नया नियम अगले सत्र से लागू होगा। काउंसिल ने यह निर्णय नेशनल एजुकेशन पॉलिसी यानी एनईपी 2020 के तहत किया है। इस साल जून में हुई बैठक में बदलाव का निर्णय लिया गया था और 23 नवंबर को गाइडलाइन जारी की गई है।
प्रदेश में एमबीबीएस की सीटें
कॉलेज सीटें
- रायपुर 230
- दुर्ग 200
- बिलासपुर 180
- अंबिकापुर 125
- राजनांदगांव 125
- जगदलपुर 125
- रायगढ़ 100
- कोरबा 125
- महासमुंद 125
- कांकेर 125
- बालाजी रायपुर 150
- रिम्स रायपुर 150
- शंकराचार्य भिलाई 150
Published on:
24 Nov 2023 08:42 am
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