31 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

सरकार चुपके से धान का रकबा कम कर किसानो के साथ कर रही है बड़ा खेल- भाजपा

जिलों में किसानों को बुलाकर रकबा कम करने की कार्यवाही हो रही है। इस पर 14 सदस्यों ने स्थगन प्रस्ताव दिया था। विधायक अजय चंद्राकर की स्थगन सूचना को पढ़ने के बाद मंत्री अमरजीत भगत ने शासन की तरफ से जवाब रखा।
less than 1 minute read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

रायपुर

•

image

Karunakant Chaubey

•

Updated: 28 Nov 2019, 1:21 PM IST

chhattisgarh_assembly.jpg

रायपुर. आज छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र का चौथा दिन था। किसानों के धान का रकबा कम किए जाने को लेकर विधानसभा में एक बार फिर से जोरदार जोरदार हंगामा हुआ। विपक्ष का आरोप है कि व्हाट्सएप में सभी पटवारी और तहसीलदारों को किसानों के धान का रकबा कम करने का आदेश दिया गया है।

गुड़ सप्लाई के टेंडर में अनियमितता का मामला गूंजा सदन में, भाजपा नेताओं ने किया सदन से वाक आउट

इसके बाद जिलों में किसानों को बुलाकर रकबा कम करने की कार्यवाही हो रही है। इस पर 14 सदस्यों ने स्थगन प्रस्ताव दिया था। विधायक अजय चंद्राकर की स्थगन सूचना को पढ़ने के बाद मंत्री अमरजीत भगत ने शासन की तरफ से जवाब रखा।

अजय चंद्राकर ने कांग्रेस को बताया विकलांग तो मुख्यमंत्री ने कहा- मां की गाली बर्दास्त नहीं

उन्होंने रकबा कम करने की बात से साफ इनकार किया और कहा शासन की तरफ से इस प्रकार का कोई आदेश जारी नहीं हुआ है। इसके बाद सभापति ने स्थगन की सूचना आग्रह कर दी। इससे विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। सत्ता और विपक्ष दोनों तरफ से जमकर नारेबाजी। सदन की कार्यवाही 5 मिनट के लिए स्थगित हुई ।

वही आज सदन की कार्यवाही शुरू करते हुए धानसभा अध्यक्ष चरणदास महंत ने राजभाषा दिवस की बधाई दी। साथ ही सभी सदस्यों से छत्तीसगढ़ी में प्रश्न पूछने और जवाब देने की अपील की।

ये भी पढ़ें: पहली बार छत्तीसगढ़ियों की अपनी सरकार महसूस हुई है, डोसा-इडली के जमाने में बढ़ा है ठेठरी और खुरमी का महत्व