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Chhattisgarh Liquor Scam: आज SC से उदय राव को राहत! राज्य ने कहा- इनके खिलाफ कोई प्रतिकूल रिपोर्ट नहीं

Today Supreme Court Hearing: शराब घोटाला मामले में एन. उदय राव को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिली है। सुनवाई में राज्य ने बताया कि उनके खिलाफ कोई प्रतिकूल रिपोर्ट नहीं है।
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Chhattisgarh Liquor Scam

Chhattisgarh Liquor Scam: आज SC से उदय राव को राहत!(photo-patrika canva create)

Chhattisgarh Liquor Scam: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में एन. उदय राव को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है। कोर्ट ने गुरुवार को उनकी अंतरिम जमानत मंजूर कर दी। राव के खिलाफ छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CSMCL) को दिए गए मैनपावर-सप्लाई बिलों में कथित अनियमितताओं को लेकर EOW/ACB ने मामला दर्ज किया है। सुनवाई के दौरान राज्य ने कोर्ट को बताया कि राव के खिलाफ कोई प्रतिकूल रिपोर्ट नहीं है। दलीलों और परिस्थितियों को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें कोर्ट की शर्तों के तहत अंतरिम जमानत दे दी।

Supreme Court Bail: सुनवाई में कोर्ट ने पूछा- कोई प्रतिकूल रिपोर्ट है?

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने राज्य से पूछा कि क्या एन. उदय राव के खिलाफ कोई प्रतिकूल रिपोर्ट है। इस पर राज्य की ओर से कोर्ट को बताया गया कि राव के खिलाफ कोई प्रतिकूल रिपोर्ट नहीं है। दलीलों और मामले की परिस्थितियों को देखते हुए कोर्ट ने उन्हें अंतरिम जमानत देने का आदेश दिया।

2019 से 2023 के मैनपावर कॉन्ट्रैक्ट से जुड़ा है मामला

मामला वर्ष 2019 से 2023 के बीच छत्तीसगढ़ में शराब की खुदरा दुकानों पर स्टाफ की तैनाती के लिए CSMCL द्वारा दिए गए मैनपावर कॉन्ट्रैक्ट से जुड़ा है। अभियोजन पक्ष का आरोप है कि ओवरटाइम, बोनस, अतिरिक्त कार्य दिवस और सर्विस चार्ज के नाम पर बढ़े हुए दावे किए गए।

34.06 करोड़ के अतिरिक्त भुगतान का आरोप

जांच एजेंसी के आरोप के मुताबिक, A-2-Z इंफ्रासर्विसेज लिमिटेड को करीब 34.06 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान किया गया। इसमें से करीब 6.90 करोड़ रुपये कथित तौर पर अवैध कमीशन के रूप में दिए जाने का आरोप है। राव पर कंपनी के स्थानीय कामकाज से जुड़े होने का आरोप लगाया गया है।

राव ने आरोपों से किया इनकार

एन. उदय राव ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि FIR में उनका नाम नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि वे A-2-Z इंफ्रासर्विसेज लिमिटेड के न तो डायरेक्टर थे और न ही शेयरहोल्डर। उनके अनुसार, कंपनी पर उनका कोई स्वतंत्र प्रबंधकीय या वित्तीय नियंत्रण भी नहीं था।

12 मई को हुई थी गिरफ्तारी

राव को 12 मई 2026 को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद उन्होंने नियमित जमानत के लिए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का रुख किया था, लेकिन कोर्ट ने 6 अगस्त 2026 को उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी। इसके बाद राव ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत के लिए याचिका दायर की। मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं और बाद में उन्हें अंतरिम जमानत दे दी।

सुप्रीम कोर्ट ने दी अंतरिम जमानत

सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान राव की ओर से सीनियर एडवोकेट सिद्धार्थ अग्रवाल पेश हुए, जबकि एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड कौस्तुभ शुक्ला ने उनकी सहायता की। कोर्ट ने दलीलों और परिस्थितियों को देखते हुए राव की अंतरिम जमानत मंजूर कर दी। उन्हें कोर्ट द्वारा तय शर्तों के तहत जमानत पर रहने की अनुमति दी गई है।