
Custom Milling Scam Chhattisgarh: ईडी ने कस्टम मिलिंग घोटाले में मार्कफेड के पूर्व एमडी मनोज सोनी को ईओडब्ल्यू दतर परिसर से मंगलवार को गिरतार किया। साथ ही विशेष न्यायाधीश की अदालत में पेशकर पूछताछ के लिए 10 दिन की रिमांड मांगी, लेकिन कोर्ट ने 5 ही दिन की रिमांड मंजूर की है। अब सोनी को 4 मई को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
कस्टम मिलिंग घोटाले की पूछताछ करने ईओडब्ल्यू ने तलब किया था। इसकी जानकारी मिलते ही ईडी की टीम अचानक पहुंची और मनोज सोनी को अपने साथ ले गई। इसके बाद गिरफ्तार कर ईडी के विशेष न्यायाधीश की अदालत में पेश किया गया। इस दौरान ईडी के अधिवक्ता सौरभ पांडेय की ओर से रिमांड का आवेदन पेश किया गया। साथ ही अदालत को बताया कि कस्टम मिलिंग घोटाले में ईडी दो बार छापेमारी कर चुकी है। आयकर विभाग ने जुलाई 2023 को मार्कफेड के तत्कालीन एमडी मनोज सोनी, विपणन अधिकारी प्रितिका पूजा केरकेटटा और राइस मिलरों के 16 ठिकानों पर छापा मारा था। इस दौरान तलाशी में बोगस लेन-देन और कस्टम मिलिंग के एवज में प्रति क्विंटल 20 रुपये कमीशन लिए जाने के इनपुट मिले थे। इस प्रकरण में ईओ़डब्ल्यू भी एफआईआर दर्ज कर जांच कर रही है। इन सभी को देखते हुए पूछताछ के लिए रिमांड पर देने का अनुरोध किया, जिसे विशेष न्यायाधीश ने मंजूरी दी।
आयकर विभाग द्वारा मुय न्यायिक मजिस्ट्रेट दिग्विजय सिंह की अदालत में परिवाद पत्र पेश किया गया है। इसमें मार्कफेड के तत्कालीन एमडी मनोज सोनी, कोरबा डीएमओ प्रितिका पूजा केरकेट्टा, राइस मिल एसोसिएशन के तत्कालीन अध्यक्ष कैलाश रूगंटा, उपाध्यक्ष पारसमल चोपड़ा, कोषाध्यक्ष रोशन चंद्राकर, राइस मिलर संतोष अग्रवाल, अमित अग्रवाल और प्रशांत अग्रवाल को आरोपी बनाया गया है। साथ ही सीजेएम ने सभी को 12 जून को कोर्ट में उपस्थिति दर्ज कराने कहा है।
ईडी के लोक अभियोजक एवं उपमहाधिवक्ता सौरभ पांडेय ने बताया कि कस्टम मिलिंग घोटाला की ईडी जांच कर रही है। नागरिक आपूर्ति निगम एवं एफसीआई में कस्टम मिलिंग का चावल के जमा करने की प्रकिया में व्यापक पैमाने पर भ्रष्टाचार किया गया। शासकीय अधिकारियों द्वारा राइस मिलर्स के साथ मिलीभगत कर शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाई गई। मार्कफेड के तत्कालीन एमडी मनोज सोनी ने विपणन अधिकारी प्रितिका पूजा केरकेटटा के माध्यम से रोशन चन्द्राकर को निर्देश दिया था कि उन्हीं राइस मिलर्स के बिल का भुगतान किया जाना है जिनकी वसूली की राशि रोशन चन्द्राकर को प्राप्त हुई है। आयकर विभाग के द्वारा की गई तलाशी की कार्यवाही से लगभग 1.06 करोड़ रुपए नकद, दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस मिले थे। इसका कोई हिसाब तक नहीं मिला था। जांच के दौरान करीब 140 करोड़ रुपए अवैध वसूली राइस मिलर्स से किया जाना पाया गया है। बता दें कि इस मामले में ईओडब्ल्यू रोशन चंद्राकर से पूछताछ कर चुकी है।
Updated on:
01 May 2024 03:08 pm
Published on:
01 May 2024 03:08 pm
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