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झीरम मामले पर कांग्रेस का बड़ा कदम, 26 को राहुल गांधी से मिलेंगे छत्तीसगढ़ के नेता, बनेगी रणनीति

Jhiram Ghati massacre: झीरम घाटी मामले को लेकर छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने आगे की रणनीति पर मंथन शुरू कर दिया है। 26 सितंबर को दिल्ली में राहुल गांधी के साथ प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं की मुलाकात प्रस्तावित है।
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Jhiram Ghati massacre

घटनास्थल ( File Photo - Patrika )

Jhiram Valley Case: झीरम घाटी मामले को लेकर छत्तीसगढ़ कांग्रेस अब आगे की कार्रवाई की रूपरेखा तैयार करने में जुट गई है। इसी सिलसिले में प्रदेश के वरिष्ठ कांग्रेस नेता 26 सितंबर को दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात करेंगे। जानकारी के मुताबिक, कई नेता 25 सितंबर को दिल्ली रवाना हो सकते हैं।

बताया जा रहा है कि राहुल गांधी के साथ होने वाली इस बैठक में झीरम घटना से जुड़े पीड़ित नेता और शहीद नेताओं के परिवार के सदस्य भी मौजूद रह सकते हैं। बैठक में मामले से जुड़े मौजूदा हालात पर चर्चा के साथ आगे की कार्रवाई को लेकर निर्णय लिया जा सकता है। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, बैठक में न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ने के विकल्पों पर विचार किया जाएगा। इसके अलावा झीरम मामले को लेकर आंदोलन करने और इसे जनता के बीच उठाने की रणनीति पर भी चर्चा हो सकती है।

भूपेश बघेल ने उठाए जांच पर सवाल

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने झीरम मामले को लेकर कहा कि हाल ही में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के साथ बैठक हुई थी, जिसमें इस मुद्दे पर आगे की दिशा को लेकर चर्चा की गई। बघेल का कहना है कि मामले में फैसला तो आया है, लेकिन पीड़ितों को अभी न्याय नहीं मिला है।

उन्होंने जांच को लेकर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) पर भी सवाल उठाए। बघेल ने आरोप लगाया कि भाजपा NIA जैसी बड़ी जांच एजेंसी का दुरुपयोग कर रही है। उनका कहना है कि झीरम घाटी की घटना में आखिरकार क्या हुआ, इसकी वास्तविक जानकारी सामने आनी चाहिए और यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि पीड़ितों को न्याय कब मिलेगा।

Jhiram Ghati Attack: कई वरिष्ठ नेताओं सहित कुल 32 लोगों की मौत

25 मई 2013 को सुकमा से लौट रही कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के काफिले पर दरभा क्षेत्र की झीरम घाटी में माओवादियों ने घात लगाकर हमला किया था। इस हमले में कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, उनके बेटे दिनेश पटेल, पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल और पूर्व नेता प्रतिपक्ष महेंद्र कर्मा समेत कई वरिष्ठ नेताओं सहित कुल 32 लोगों की मौत हुई थी। बड़ी संख्या में लोग घायल भी हुए थे। इस घटना ने पूरे छत्तीसगढ़ को झकझोर कर रख दिया था।

12 अगस्त को पूरी हुई थी अंतिम बहस

झीरम मामले में दोनों पक्षों की अंतिम बहस 12 अगस्त को पूरी हुई थी। इसके बाद विशेष अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। पहले फैसले के लिए 31 अगस्त की तारीख तय की गई थी, जिसे बाद में बदलकर 5 सितंबर किया गया। शनिवार को अदालत ने अपना फैसला सुना दिया।

11 आरोपी थे, एक की हो चुकी है मौत

मामले में कुल 11 आरोपी थे, जिनमें से एक की मृत्यु हो चुकी है। अंतिम बहस के दौरान सेंट्रल जेल जगदलपुर से 10 आरोपियों को अदालत में पेश किया गया था। अब अदालत ने इन सभी 10 आरोपियों को दोषी करार दिया है। सभी की सजा का ऐलान 16 सितंबर को किया जाएगा।

झीरम कांड ने बदल दी थी छत्तीसगढ़ की राजनीति

25 मई 2013 का झीरम हमला छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े राजनीतिक हिंसा मामलों में गिना जाता है। एक ही हमले में कांग्रेस के कई दिग्गज नेताओं की मौत ने प्रदेश की राजनीति को गहरा झटका दिया था। करीब 13 साल लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद आए इस फैसले से एक बार फिर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।