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सुबह फोन रिसीव नहीं किया तो बेटे ने दोस्त को भेजा घर, तब मिली पिता की मौत की सूचना

माइंस ठेकेदार की अज्ञात लोगों ने उनके निवास में रहस्यमय तरीके से हत्या कर दी
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रायपुर

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Deepak Sahu

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Updated: 26 Nov 2018, 1:57 PM IST

CGNews

सुबह फोन रिसीव नहीं किया तो बेटे ने दोस्त को भेजा, तब मिली पिता की मौत की सूचना

रायपुर/डौंडी. बीती रात रायपुर के शैलेन्द्र नगर निवासी माइंस ठेकेदार 56 वर्षीय सुनील कुमार लोढ़ा की अज्ञात लोगों ने उनके डौंडी मुख्य बाजार स्थित निवास में रहस्यमय तरीके से हत्या कर दी। मौके पर जब पुलिस पहुंची तो कमरे के अंदर ठेकेदार की खून से लथपथ लाश मिली। उसके हाथ-पैर बंधे हुए थे। पुलिस के साथ फॉरेंसिक और डॉग स्क्वॉड की टीम ने मौके पर जांच की।

आसपास लगे कैमरे के फुटेज में रात 2.30 बजे के आस-पास चार लोगों के घर के सामने से गुजरते देखे गए हैं। दुर्ग रेंज के आइजी जीपी सिंह भी घटनास्थल पर पहुंचे। मृतक का परिवार 10 साल पहले डौंडी से रायपुर शिफ्ट हो गया था।

पहली जानकारी मृतक के बेटे के मित्र ने दी
पुलिस के अनुसार इस हाई प्रोफाइल मर्डर में पहली जानकारी मृतक के बेटे के दोस्त ने दी। उसके अनुसार मृतक का पुत्र सुमीत लोढ़ा ने सुबह अपने पिता सुनील लोढ़ा को किसी काम के लिए फोन लगाया, पर फोन रिसिव नहीं किया, तो बेटे ने अपने मित्र डौंडी निवासी अंकित तिवारी को फोन से कहा कि पापा फोन नहीं उठा रहे हैं, आप घर जाकर देखो।

दोस्त अंकित ने बाजार स्थित मकान जाकर दरवाजा खटखटाया, तो अंदर से कोई आवाज नहीं आई। अंकित दीवार फांदकर अंदर पहुंचा, तो मृतक के कमरे का दरवाजा खुला हुआ था।

मृतक सुनील एक ओर लुढक़े हुए थे, हाथ-पैर बंधा हुआ था। उन्होंने तत्काल इसकी सूचना पुत्र सुमीत के साथ जैन समाज को दी। समाज के प्रमुख लोगों ने पुलिस को इसकी जानकारी दी।

घटना स्थल पर पहुंचे आईजी जीपी सिंह
सूचना के घंटा भर बाद डौंडी थाना प्रभारी विकास देशमुख घटना स्थल पहुंचे। थोड़ी देर बाद दल्लीराजहरा सीएसपी व फॉरेंसिक अधिकारी डॉग स्क्वाड की टीम के साथ पहुंचे। आईजी जीपी सिंह मौके पर पहुंचे और टीम से चर्चा की। उसके बाद शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। इस दौरान आईजी सिंह ने मीडिया को सवालों का जवाब देते हुए कहा कि अभी घटना संबंधित कोई भी जानकारी जांच का विषय बनी हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही मामले की तह तक पहुंचने के बाद आरोपियों के संबंध में जानकारी दे दी जाएगी।

रात 10.30 बजे तक रसोइया था साथ
मृतक सुनील को शनिवार की रात करीब सवा दस बजे उनके फोर व्हीलर से आते देखा गया। उसके बाद उन्होंने रसोइया शैलेष जायसवाल से गर्म पानी देकर रात लगभग 10.30 बजे भोजन लगाने कहा। उसके बाद रसोइया घर चला गया था। घटना के बाद इलाके में संनसनी फैल गई है।

सीसीटीवी में दिख रहे हैं आधा दर्जन लोग
पुलिस ने रसोइया शैलेष से रात तक की पूरी जानकारी ली है। पुलिस घर के आसपास व मार्ग में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज भी खंगाल रही है। फुटेज में पाया गया कि रात ढाई बजे के आस-पास 6 से 7 संदिग्ध लोगों की आवाजाही हुई है, जो फोन में बात करते हुए वहां से गुजरे हैं।

पिछले साल मृतक के 11 वाहनों को लगा दी थी आग
बस्तर के दुर्गुकोंदल के आगे हाहालद्दी माइंस में मृतक सुनील लोढ़ा के 11 वाहनों को पिछले साल माओवादियों ने आग के हवाले कर दिया था। सुनील का परिवार लगभग 10 वर्षों से रायपुर में रहता है। परिवार में एक लडक़ा व एक लडक़ी और पत्नी है। मृतक सप्ताह में दो-तीन दिनों के लिए डौंडी निवास में रूकते थे। वहीं माइंस में कार्य करने के कारण कर्मचारियों को वेतन भुगतान करने लाखों रुपए लेकर निवास स्थान डौंडी आते थे।