
CG Rape Case: रायपुर में एक युवती को शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने वाले कृषि विस्तार अधिकारी देवनारायण साहू को आजीवन कैद की सजा सुनाई गई है। इसके साथ ही 6 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 14 गवाहों के बयान करवाए गए। विशेष लोक अभियोजक उमाशंकर वर्मा ने बताया कि बालोद निवासी देवनारायण (30) ने प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कराने के बहाने युवती से दोस्ती की।
इस दौरान शादी का झांसा देकर 2021 से 2025 तक उसके साथ दुष्कर्म किया। साथ ही नौकरी मिलने पर विवाह करने का आश्वासन दिया। 2024 में नौकरी मिलने के बाद वह मुकर गया। इसकी शिकायत पीडि़ता ने 7 जनवरी 2026 को माना थाना में कराई।
जहां प्रकरण की जांच करने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर 6 फरवरी 2026 को कोर्ट में चालान पेश किया। जहां विशेष न्यायाधीश पंकज कुमार सिन्हा ने पुलिस की केस डायरी और मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को दंडित किया।
2024 में आरोपी की नौकरी ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के पद पर लग गई। इसके बाद उसका व्यवहार बदलने लगा। कोर्ट में पीड़िता ने कहा कि आरोपी उसे ‘नीची जाति की सतनामी लड़की’ कहकर अपमानित करने लगा। इसके बावजूद नवंबर 2025 में आरोपी ने उसे मानपुर बुलाया और फिर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किया।
बिस्कुट का लालच देकर अबोध बालिका से दुष्कर्म करने वाले युवक को 20 साल कैद की सजा सुनाई गई है। विशेष लोक अभियोजक विमला ताण्डी ने बताया कि तेलीबांधा थाना क्षेत्र में निर्माणधीन मकान परिसर के बनाए गए क्वार्टर में एक मजदूर अपने परिवार से साथ रहता था। वहीं, काम करने वाला युवक ढाई साल की बच्ची को बिस्कुट देने के बहाने 6 अगस्त 2025 को अपने साथ ले गया और वारदात को अंजाम दिया।
बालिका ने रोते हुए परिजनों को घटना की जानकारी दी। शिकायत पर तेलीबांधा पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज करने के बाद युवक को गिरफ्तार किया। जांच करने के बाद 1 अक्टूबर को केस डायरी कोर्ट में पेश की। जहां विशेष न्यायाधीश विनय कुमार प्रधान ने गवाहों के बयान के आधार पर युवक को दंडित किया।
Updated on:
04 May 2026 02:12 pm
Published on:
04 May 2026 02:11 pm
