अन्यथा भारत में आकर प्रैक्टिस करने पर परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही एनएमसी ने यह भी निर्देश जारी किए है कि विदेशों में पढ़कर भारत आकर ऐलोपैथी में प्रैक्टिस करने वालों को एनएमसी के नियमों का पालन करते हुए अनिवार्य से पंजीयन कराने (Chhattisgarh Hindi News) को कहा है। साथ ही चेतावनी दी है कि भविष्य में किसी प्रकार की कार्रवाई होने पर संबंधित स्टूडेंट ही जिम्मेदार होंगे।