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CG Election 2025: नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव के परिणाम एक साथ हो जारी, कांग्रेस ने की चुनाव आयोग से मांग

CG Election 2025: नगरीय निकाय और त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव की अधिसूचना एक साथ जारी हुई है। आचार संहिता एक साथ लगी है, तो पंचायतों एवं निकायों के परिणाम भी एक साथ घोषित होना चाहिए।
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रायपुर

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Love Sonkar

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Updated: 22 Jan 2025, 12:41 PM IST

CG Election 2025

CG Election 2025: कांग्रेस ने राज्य निर्वाचन आयोग के चुनावी कार्यक्रम पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने मंगलवार को राजीव भवन में पत्रकारवार्ता में कहा, जब नगरीय निकाय और त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव की अधिसूचना एक साथ जारी हुई है। आचार संहिता एक साथ लगी है, तो पंचायतों एवं निकायों के परिणाम भी एक साथ घोषित होना चाहिए। ऐसे नहीं होने से चुनाव परिणाम भी प्रभावित होंगे। एक साथ परिणाम घोषित करने के लिए कांग्रेस ने जिला निर्वाचन अधिकारी को पत्र भी लिखा है।

यह भी पढ़ें: छत्तीसगढ़ में निकाय-पंचायत चुनाव के लिए आज से जमा कर सकेंगे नामांकन, 28 जनवरी लास्ट डेट

बैज ने कहा, अमूमन निर्वाचन आयोग अलग-अलग राज्यों के चुनाव कार्यक्रम जब भी घोषित करता है तो भले मतदान अलग-अलग तिथि पर हो, परिणाम तो एक साथ ही आते हैं। इस संबंध में हमने प्रदेश निर्वाचन पदाधिकारी को पत्र लिखा है। कांग्रेस के तरफ से आपत्ति दर्ज कराई गई है। उमीद है निष्पक्ष चुनाव के लिए हमारी आपत्ति पर ध्यान देकर दोनों चुनाव परिणाम एक साथ 24 फरवरी को घोषित किया जाएगा।

नहीं रखा गया परीक्षाओं का ख्याल

बैज ने कहा, चुनाव के कार्यक्रम घोषित होने से छात्रों एवं अभिभावकों की परेशानियां बढ़ गयी है। चुनाव और परीक्षाएं टकरा रही है। हमने सरकार से पहले भी मांग की थी कि ऐसी व्यवस्था बने, जिससे परीक्षाएं न टकराएं। पहले भाजपा ने हार के डर से चुनाव नहीं कराए और अब आलोचना से डरकर चुनाव की घोषणा हुई तो परीक्षाओं का याल नहीं रखा गया।

नाकामी और वादा खिलाफी रहेगा प्रमुख मुद्दा

बैज ने कहा, स्थानीय निकाय चुनाव भाजपा सरकार की नाकामी और वादाखिलाफी पर लड़ा जाएगा। पिछले एक साल में भाजपा की साय सरकार जनता की उमीदों पर विफल साबित हो चुकी है। सरकार से युवा, किसान, महिला, मजदूर, विद्यार्थी, अनुसूचित जाति, जनजाति हर वर्ग के लोग निराश है। सब सरकार से अपने आपको ठगा महसूस कर रहे हैं। स्थानीय निकायों में किए गए दोषपूर्ण आरक्षण नीति के कारण ओबीसी वर्ग के लोग सरकार से नाराज है।