
CG News: छत्तीसगढ़ के रायपुर में ईओडब्ल्यू 7 करोड़ के तेंदूपत्ता घोटाले में सुकमा के निलंबित डीएफओ अशोक कुमार पटेल से 28 अप्रैल तक पूछताछ करेगी। शनिवार को विशेष न्यायाधीश की अदालत में पटेल को पेश किया गया। अभियोजन पक्ष ने बताया कि उनकी पूछताछ अभी अधूरी है। अब तक मिले इनपुट के आधार पर विस्तृत पूछताछ करने की जरूरत है।
अदालत ने इसे स्वीकृत कर रिमांड आदेश जारी किया। 2021- 2022 के दौरान तेंदूपत्ता संग्राहकों को 7 करोड़ रुपए बोनस राशि दिया जाना था लेकिन, वन विभाग के अधिकारियों ने आपसी साठगांठ कर 7 करोड़ रुपए का गबन किया। ईओडब्ल्यू ने 8 अप्रैल को एफआईआर कर 10 अप्रैल को यह कार्रवाई अशोक कुमार पटेल के साथ सीपीआई नेता तथा पूर्व विधायक मनीष कुंजाम सहित आधा दर्जन से ज्यादा वनकर्मी, अफसर तथा कारोबारियों के ठिकानों पर छापे मारे।
इस दौरान तलाशी में डीएफओ दफ्तर के लिपिक राजशेखर पुराणिक के घर से 26 लाख 63700 रुपए नकद सहित महत्वपूर्ण दस्तावेज, मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बैंक खातों की जानकारी और निवेश से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए थे।
वहीं, इंडियन ओवरसीज बैंक राजिम में 1.65 करोड़ के गोल्ड लोन घोटाले में जेल भेजी गई सहायक प्रबंधक अंकिता पाणिग्रही ने जमानत के लिए आवेदन लगाया। इसमें स्वयं को निर्दोष बताते हुए झूठे मामले में फंसाने का आरोप लगाया। इस दौरान विशेष न्यायाधीश ने प्रकरण को 26 जून तक आगे बढ़ा दिया।
भियोजन पक्ष ने इसका विरोध करते हुए प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जमानत नहीं दिए जाने का अनुरोध किया। जमानत दिए जाने पर फरार होने की आशंका जताते हुए अदालत को बताया कि 2022 में घोटाले के बाद से अंकिता फरार थी। इस प्रकरण में तत्कालीन बैंक मैनेजर सुनील कुमार, लिपिक योगेश पटेल और खेमनलाल कंवर को भी गिरफ्तार किया गया है।
इस समय उक्त तीनों को 29 अप्रैल तक रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। विशेष न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद जमानत खारिज कर दी। वहीं कोयला घोटाले में जेल भेजे गए आरोपियों की रूटीन पेशी पर शनिवार को सुनवाई हुई। इस दौरान विशेष न्यायाधीश ने प्रकरण को 26 जून तक आगे बढ़ा दिया।
Updated on:
27 Apr 2025 12:08 pm
Published on:
27 Apr 2025 12:05 pm
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