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परिवहन विभाग ने दिखाई सख्ती, बंद की बिना परमिट वाली बस

भोपाल की उडऩदस्ता टीम ने ब्यावरा, करनवास सहित एनएच-तीन पर की कार्रवाई
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राजगढ़

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Deepesh Tiwari

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Updated: 3 May 2018, 10:15 AM IST

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ब्यावरा। बढ़ते सड़क हादसों के बाद सड़क सुरक्षा सप्ताह के माध्यम से जागरूकता फैलाने के बाद अब शासन स्तर पर जमीनी लेवल पर भी परिवहन विभाग ने सख्ती दिखाई है। पहले स्टॉफ की कमी का हवाला देकर टलती आ रही कार्रवाई भोपाल से आए उडऩदस्ते के नेतृत्व में की गई।

बुधवार दोपहर नेशनल हाईवे क्रमांक-तीन पर ब्यावरा, करनवास के आस-पास भोपाल के उडऩदस्ता प्रभारी अलीम खान की टीम ने कार्रवाई की। इसमें स्थानीय टीम के माध्यम से बिना परमिट की बसें पकड़ी गई। यात्री बसों की जांच की गई, फिटनेस, बीमा, रजिस्ट्रेशन सहित ड्राइवर, कंडक्टर की ड्रेसेस भी जांची गईं। दिनभर में करीब 21 बसें रुकवाकर टीम ने जांचीं। इंदौर, ग्वालियर रूट पर चलने वाली इन बसों में दो से मोटरयान टैक्स जमा करवाया गया। साथ ही तीन बसों को जब्त कर थाने पर खड़ा किया। एक बस बिना परमिट की बस जब्त की और चालानी कार्रवाई की गई। कुल 48, 500 रुपए का राजस्व वसूला गया। बताया जा रहा है कि थानों में जब्त वाहनों से टैक्स वसूली सहित अन्य वसूली करीब 1, 25, 000 की हो सकती है।

कार्रवाई कभी-कभी, सुधार न के बराबर
इस तरह से वाहनों की धरपकड़ और उडऩदस्ते के माध्यम से यात्री बसों की चेकिंग का अब खौफ नहीं बचा। पहले जिस हिसाब से कार्रवाई होती थी उसकी आधी भी अब नहीं होती। हाईवेज पर बड़े हादसों के बाद चेतने वाला परिवहन विभाग एक या दो दिन कार्रवाई कर इतिश्री कर लेता है, जिसका कोई असर किसी वाहन चालक पर नहीं होता। उसी पुराने ढर्रे पर वे चलने लगते हैं। लंबे रूट की बस वालों को तो इसकी आदत हो जाती है। बता दें कि हाईवे पर चेकिंग करने वाले विभाग को कभी स्कूल वाहन नहीं दिखते। फिटनेस, बीमा, ओव्हरलोडिंग इत्यादि की जांच विभाग नहीं कर पाता। बीते दिनों इंदौर में हुए स्कूल बस के हादसे के बाद एक-दो दिन या सप्ताहभर के लिए जागा विभाग फिर से बेफिक्र हो गया।

इन बिंदुओं पर जोर देने की जरूरत
-नाबालिकों द्वारा दौड़ाए जा रहे वाहनों की धरपकड़।
-ट्रैक्टरों पर तेज आवाज में बजने वाले म्यूजिक सिस्टम पर प्रतिबंध।
-स्कूल वाहनों की अल्टरनेट चेकिंग।
-ट्रॉलियों में पांव लटकाकर बैठने पर जुर्माना लगाया जाए।
-अल्टरनेट तरीके से छोटे, बड़े हर तरह के वाहन की चेकिंग मानक तरीके से हो।

हाईवे-फोरलेन पर कर रहे चेकिंग
आयुक्त के निर्देश भी मिले हैं और विभागीय स्तर पर भी कार्रवाई की जा रही है। इसमें प्रमुख तौर पर हाईवे और फोरलेन पर दौडऩे वाली बसों की धरपकड़ की जा रही है। इनमें परमिट, ओव्हरलोडिंग, दस्तावेज सहित प्रमुख पैरामीटर्स की जांच की जा रही है।
-एच. के. सिंह, आरटीओ, राजगढ़