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‘100-150 वर्ष पुरानी मस्जिदों पर बुलडोजर चलना तकलीफ की बात’, धार्मिक नेता हाफिज मोहम्मद जमील हयात का बयान

Delhi Mosque Demolition: दिल्ली में मस्जिद ध्वस्तीकरण के मामले पर धार्मिक नेता हाफिज मोहम्मद जमील हयात ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने धार्मिक स्थलों पर बुलडोजर कार्रवाई को दुखद बताते हुए सरकार से मस्जिद, मंदिर और गुरुद्वारे समेत सभी इबादतगाहों की सुरक्षा की अपील की।
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Hafiz Mohammad Jameel Hayat

धार्मिक नेता हाफिज मोहम्मद जमील हयात। फोटो-IANS

Delhi Mosque Demolition: दिल्ली में प्रशासन की ओर से मस्जिद ध्वस्त किए जाने के मामले पर धार्मिक नेता हाफिज मोहम्मद जमील हयात की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने सदियों पुरानी मस्जिदों और अन्य धार्मिक स्थलों को ध्वस्त किए जाने को बेहद पीड़ादायक बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म की इबादतगाह को नुकसान पहुंचाना उचित नहीं है और सरकारों को धार्मिक स्थलों की सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए।

'100-150 साल पुरानी मस्जिदों पर बुलडोजर चलना तकलीफ की बात'

हाफिज मोहम्मद जमील हयात ने कहा कि 100 से 150 वर्ष पुरानी मस्जिदों पर बुलडोजर चलाया जाना दुखद है। उन्होंने कहा कि मस्जिदों में लोग नमाज पढ़ते हैं और ये स्थान लोगों की धार्मिक आस्था से जुड़े हैं।

उन्होंने कहा कि अगर किसी मुस्लिम देश में मंदिर को नुकसान पहुंचाया जाता है तो वह भी उसका विरोध करते हैं। उनके मुताबिक, सरकार किसी भी दल की हो, मंदिर, मस्जिद या गुरुद्वारे जैसी इबादत की जगहों को नुकसान नहीं पहुंचाया जाना चाहिए।

'किसी भी इबादतगाह को नुकसान न पहुंचे'

हाफिज मोहम्मद जमील हयात ने कहा कि धार्मिक स्थलों पर लोगों को अच्छे आचरण और इंसानियत की सीख दी जाती है। उन्होंने कहा कि मस्जिदों में लोगों को बुरी आदतें छोड़ने और बेहतर जीवन जीने की सीख दी जाती है।

उन्होंने सरकार से अपील की कि धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं पर रोक लगाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी पार्टी की सरकार हो, इबादत की जगहों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।

'मस्जिद गिरने से मुसलमान ही नहीं, हिंदू भी दुखी होते हैं'

धार्मिक नेता ने कहा कि मस्जिद के ध्वस्त होने से मुस्लिम समुदाय के लोगों को दुख होता है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी मंदिर को नुकसान पहुंचता है तो उन्हें भी तकलीफ होगी। उन्होंने सरकार से इस मामले पर ध्यान देने और मस्जिदों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की।

AIMIM ने भी जताया था विरोध

इससे पहले एआईएमआईएम दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष शोएब जमई ने भी शालीमार बाग में हुई घटना को लेकर विरोध जताया था। उन्होंने कहा था कि पार्टी का कार्यक्रम पहले से निर्धारित था और इसमें दिल्ली के सदस्यों तथा कोर कमेटी के सदस्यों की बैठक होनी थी।

शोएब जमई ने आरोप लगाया था कि शालीमार बाग में मस्जिद को जिस तरह ध्वस्त किया गया, वह अन्यायपूर्ण था। उन्होंने बताया कि एआईएमआईएम की टीम मौके पर पहुंची और वहीं अपना विरोध दर्ज कराया।

मस्जिद कमेटी और इमाम ने भी रखी अपनी बात

शोएब जमई के मुताबिक, घटना के बाद मस्जिद कमेटी के सदस्य और इमाम भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि कमेटी के अध्यक्ष समेत अन्य सदस्यों ने अपनी चिंताओं को सामने रखा।

इस पूरे मामले को लेकर धार्मिक स्थल के ध्वस्तीकरण और प्रशासनिक कार्रवाई पर राजनीतिक एवं सामाजिक स्तर पर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।