
Video: सीटी मजिस्ट्रेट ने अस्पताल में मारा छापा तो नजारा देखकर रह गए दंग
रामपुर। जिला अस्पताल से एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित आला हजरत हॉस्पिटल में सिटी मजिस्ट्रेट ने बुधवार रात को छापा मारा। छापेमारी के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट को हॉस्पिटल में चार नर्स मिलीं, जो कभी खुद को मरीज का तीमारदार बता रही थी तो कभी स्टाफ नर्स। जब सिटी मजिस्ट्रेट ने सीएमओ को वहां बुलाया तब अस्पताल की सच्चाई सामने आई। बुधवार देर रात अस्पताल को सील कर दिया गया।
तोपखाना गेट स्थित आला हजरत हॉस्पिटल में छापा मारा
बुधवार को सिटी मजिस्ट्रेट सर्वेश कुमार गुप्ता ने तोपखाना गेट स्थित आला हजरत हॉस्पिटल में छापा मारा। इस दौरान कुछ तीमारदार पुलिसकर्मियों से भिड़ गए। पुलिस हॉस्पिटल खाली कराकर उसे सील करना चाह रही थी लेकिन तीमारदार मरीज को वहां से ले जाने को तैयार नहीं थे। जब महिला पुलिसकर्मी वहां पहुंचीं तो तीमारदार माने। छापेमारी की कार्रवाई करीब तीन घंटे तक चली। इस बीच कोई भी डॉक्टर नहीं पहुंचा। वहां रहने वाले लोगों का कहना है कि यह अस्पताल छह माह से चल रहा था। छापेमारी के दौरान टीम को अस्पताल में पांच मरीज मिले।
क्षेत्रीय यूनानी कार्यालय से है पंजीकृत
सीएमओ सुबोध कुमार ने बताया कि यह अस्पताल क्षेत्रीय यूनानी कार्यालय से पंजीकृत है लेकिन यहां पर एलोपैथिक दवाएं दी जा रही हैं। टीम ने कुछ दवाइयां कब्जे में ली हैं, जबकि यहां भर्ती मरीजों को जिला महिला अस्पताल भेज दिया गया। अस्पताल में 24 घटें एमरजेंसी लिखी है, लेकिन छापे के दौरान कोई भी डॉक्टर नहीं मिला। यहां चार मरीज डिलीवरी और एक जनरल ऑपरेशन का भर्ती मिला। यहां पर उन्हें कोई प्रशिक्षित स्टाफ भी नही मिला। बाकी जांच की जा रही है।
Updated on:
7 Mar 2019, 10:47 AM IST
Published on:
7 Mar 2019, 10:47 AM IST
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