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बीजेपी को तगड़ी चुनौती, एक और दिग्गज नेता ने पकड़ा कांग्रेस का हाथ

व्यापमं महाघोटाले में भाजपा की नींद उड़ाने वाले सकलेचा कांग्रेस में शामिल
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रतलाम

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harinath dwivedi

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Updated: 6 Mar 2018, 8:43 PM IST

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रतलाम। रतलाम के पूर्व विधायक (निर्वाचन शून्य घोषित) पारस सकलेचा ने रंगपंचमी के दिन कांग्रेस का दामन थाम लिया। रतलाम से निर्दलीय महापौर और विधायक रहे सकलेचा प्रदेश के टॉप आईटीआई एक्टीविस्ट माने जाते है। सकलेचा व्यापमं घोटाला सहित किसान आंदोलन में सहायक याचिकाकतर्ता भी है। करीब एक माह से सकलेचा कांग्रेस हाईकमान के संपर्क में थे, हालांकि स्थानीय स्तर पर एक खेमा इससे संतुष्ट नहीं है।

मध्यप्रदेश में भाजपा सरकार को एक और चुनौती का सामना करना पड़ेगा। रतलाम से सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता और कई सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों से सीधे संपर्क में रहने वाले पारस सकलेचा ने कांग्रेस की सदस्यता ले ली है। मंगलवार को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के दिल्ली कार्यालय पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरूण यादव, प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया और सांसद कांतिलाल भूरिया की मौजूदगी में सकलेचा ने कांग्रेस का हाथ थाम लिया। सकलेचा का रतलाम में अच्छा नेटवर्क है और उनकी प्रदेश में कई घोटालों को उजागर करने में अपनी भूमिका रही है। करीब एक माह पूर्व में वे भोपाल मेें प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया के बुलावे पर गए थे और इसके बाद से ही उनके कांग्रेस में जाने संबंधी राजनीतिक कयासों का दौर भी चल रहा था।

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पूर्व गृहमंत्री को दी चुनावी मात
कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजयसिंह के करीबी सकलेचा ने रतलाम में वर्ष १९९८ मेें महापौर का चुनाव लड़ा और जीता था। इसके बाद वे कांग्रेस सरकार के करीबी रहे। वर्ष २००८ के चुनावी रण में सकलेचा ने प्रदेश के तत्कालिन गृहमंत्री हिम्मत कोठारी को मात दी थी। वे रतलाम शहर से निर्दलीय विधायक बने लेकिन बाद में निर्वाचन शून्य घोषित कर दिया गया। यह मामला वर्तमान में भी न्यायालय मेंं चल रहा है। 2013 में भी सकलेचा ने विधानसभा चुनाव लड़ा लेकिन भाजपा के प्रतिद्दंदी से जीत नहीं पाए।

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कांग्रेस का एक खेमा कर रहा था विरोध
हाईकमान और सकलेचा के बीच चर्चा को रतलाम में कांग्रेस का ही एक खेमा चुनौती दे रहा था। एआईसीसी के पर्यवेक्षक धीरूभाई पटेल और अल्पेश यादव के समक्ष इन नेताओं ने पैराशूट प्रत्याशी को न लाने की बात कहते हुए अपना विरोध दर्ज कराया था। इसे देखते हुए कांग्रेस में शामिल होने के बाद भी सकलेचा ने फिलहाल चुनाव लडऩे पर कुछ स्पष्ट नहीं किया है। मंगलवार को भी उन्होंने अपने पूर्व के बयान को दोहराया।