सुनील ने जब अपने बेट मयंक को टिकट खिड़की पर अपने पास नहीं पाया तो वो भी स्वीमिंग पूल की तरफ अंदर जा पहुंचा, जहां बहुत से बच्चे स्वीमिंग कर रहे थे। लेकिन, उसका बेटा कही नजर नहीं आया। काफी देर खुद ही खोजबीन करने के बाद उसने पूल कर्मचारियों से उसकी पूछताछ की। सुनील का आरोप है कि, पूल के कर्मचारियों ने समय रहते उसकी कोई मदद नहीं की। बेटे के संबंध में कोई कर्मचारी सुनील पर ध्यान देने को ही तैयार नहीं था। फिलहाल, मामले को लेकर दोबत्ती थाना पुलिस मर्ग कायम कर जांच शुरु कर दी है।पुलिस का कहना है कि, इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।