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MP में पेट्रोल 55 महीने के उच्च स्तर पर, रेट 79.76 रु प्रति लीटर; डीजल 68.90 रुपए पहुंचा

रतलाम में पेट्रोल 55 महीने के उच्च स्तर पर, रेट 79.76 रु प्रति लीटर; डीजल 68.90 रुपए पहुंचा
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रतलाम

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Ashish Pathak

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Updated: 23 Apr 2018, 4:37 PM IST

petrol and diesel rate in madhya pradesh

रतलाम। मध्यप्रदेश के रतलाम में पेट्रोल व डीजल के दाम बीते 55 माह के सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गए। रतलाम में पेट्रोल 79.76 रुपए व डीजल 68.90 रुपए पहुंच गया। इसके पूर्व वर्ष 2013 में इसी तरह दाम में बढ़ोतरी हुई थी। इस वर्ष जनवरी से अब तक पेट्रोल के दाम में 5 से 6 रुपए की वृद्धि अलग-अलग कंपनियों ने की है। पंप संचालकों के अनुसार इसके दाम प्रतिदिन तय होते है, लेकिन ये पहली बार हुआ है जब दाम इस तरह उछाल लिए हो।

शहर में वेट्रोल इस सयम जिस कीमत का है, 1 सितंबर 2013 को भी इसके करीब था। बीते 25 दिन में ही शहर में पेट्रोल के दाम में 25 से 35 रुपए का उछाल आया है। न सिर्फ रतलाम, बल्कि जिले या रेंज में मंदसौर व नीमच में भी दाम में इसी तरह की बढ़ोतरी हुई है। इन जिलों में भी पेट्रोल के दाम इसी तरह से उछले है।

ये बता रहे कीमतों में तेजी का कारण

पंप संचालक मुबारिक खान के अनुसार अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बाजार में तेल के दाम पिछले तीन वर्षो में अब तक सबसे अधिक उपर गए है। मांग की बढ़ोतरी व पुर्ति कम होने से अर्थशास्त्र के सामान्य नियम अनुसार ये दाम में उछाल आया है। इसके अलावा अमेरिका द्वारा ईरान पर लगाए जाने प्रतिबंध की शंका के चलते भी दाम में वृद्धि हुई है।

प्रतिदिन सुबह तय होते दाम

एक अन्य पंप संचालक मीत पटेल के अनुसार इस समय पेट्रोल व डीजल के दाम में प्रतिदिन उतार व चढ़ाव हो रहा है। नई कीमत सुबह ६ बजे से लागू होती है। तेल कंपनी दुनिया के देशों के अनुसार भाव तय करती है। पटेल के अनुसार गत वर्ष जून माह से ये प्रणाली लागू हुई, जिसमे प्रतिदिन पेट्रोल व डीजल के दाम तय होने लगे।

राहत ये हो तो मिले

आमजन का बड़ा सवाल ये है कि पेट्रोल व डीजल के दाम वृद्धि का असर बाजार पर होगा। इससे महंगाई में तेजी से वृद्धि होगी। तो फिर दाम कैसे कम हो। इस बारे में पंप संचालक फारुख खान का कहना है कि ये अकेले भारत में संभव न है। इसके लिए दुनिया के देशों में कच्चे तेल के दाम कम करने होंगे। इसके अलावा देश व राज्य सरकारों को इस पर लगने वाले कर को कम करना होगा। मध्यप्रदेश में देश के अन्य राज्यों के मुकाबले पेट्रोल व डीजल पर टैक्स अधिक है। हालाकि सरकार ने फरवरी में मुख्य एक्साइज ड्यूटी को कम किया, लेकिन कीमत में बड़ा अंतर नहीं आ पाया।