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BIG BREAKING अब बगैर टिकट भी कर सकते रेल में यात्रा, कोर्ट ने दे दिया ये फरमान, करोड़ों यात्रियों के लिए खुश खबर

BIG BREAKING अब बगैर टिकट भी कर सकते रेल में यात्रा, कोर्ट ने दे दिया ये फरमान, करोड़ों यात्रियों के लिए खुश खबर
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रतलाम

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Ashish Pathak

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Updated: 29 Jul 2018, 11:49 AM IST

Railway Hindi News

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रतलाम। रेलवे में असल टिकट न होने पर अहमदाबाद से उज्जैन परिवार के साथ आ रहे यात्री को उतारने का भय दिखाकर टीटीई ने जुर्माना किया। यात्री को ये बात अखर गई। यात्री ने जिला उपभोक्ता फोरम उज्जैन में प्रकरण चलाया। अब हाल ही में कोर्ट ने निर्णय दिया है कि यात्री सही है। फोटोकॉपी होने को टीटीई को मान्य करना चाहिए था। इसके साथ ही यात्री को 8 हजार रुपए देने के आदेश भी जारी किए है।

ये है पूरा मामला

22 दिसंबर 2016 को साबरमती एक्सपे्रस ट्रेन नंबर 19167 में रामचंद्र मालवीय परिवार के साथ यात्रा कर रहे थे। टिकट नंबर 85779919 व पीएनआर नंबर 8152922278 से बोगी नंबर S-4 में इनका सीट नंबर 26,27,31 व 32 था। जब टिकट की जांच हुई तो रामचंद्र ने बताया कि असल टिकट उनसे गुम हो गया है, लेकिन उनके पास टिकट की फोटोकॉपी है। इसके अलावा पेनकार्ड है। आरक्षण चार्ट में भी इन सभी यात्रियों के नाम थे।

जब टीटीई ने कहा अगले स्टेशन उतरों

रामचंद्र ने बताया कि वे वरिष्ठ नागरीक है व परिवार साथ में है। आरक्षण चार्ट में भी उनका नाम है। इस पर टीटीई नहीं माना। टीटीई ने रेलवे कानून का हवाला देते हुए कहा कि टिकट की फोटोकॉपी मान्य नहीं है। एेसे में या तो जुर्माना भरा जाए या अगले स्टेशन पर उतर जाए। एेसे में रामचंद्र ने 1060 रुपए का जुर्माना भरते हुए रसीद ली। धारा 54 का दिया हवालामामले में उपभोक्ता कोर्ट को तत्कालीन टीटीई जसविंदर ने बताया कि वे डिप्टी सीटीआई है। रेलवे अधिनियम 54 के अनुसार उन्होंने कार्रवाई की है। रेलवे अधिनियम 1989 की धारा 54 के अनुसार टिकट मांगने पर दिखाना जरूरी है।

ये दिया निर्णय

मामले में रामचंद्र ने 50 हजार रुपए की मांग की थी। उपभोक्ता कोर्ट ने 18 जुलाई को दिए अपने महत्वपूर्ण निर्णय में एक माह में रामचंद्र को जुर्माने के 1060 रुपए, प्रतिकर राशि 5 हजार रुपए, परिवाद व्यय 2 हजार रुपए देने के आदेश दिए है।

इसलिए महत्वपूर्ण ये निर्णय

उपभोक्ता कोर्ट का ये निर्णय काफी महत्वपूर्ण है। इसकी वजह ये है कि अब तक फोटोकॉफी रेलवे में मान्य नहीं है। लेकिन इस निर्णय के बाद मजबूरी में यात्री फोटोकॉपी दिखा सकता है।
- सुनील पारिख, उपभोक्ता मामलों के अभिभाषक

हम समीक्षा कर रहे हैं

कोर्ट के निर्णय का सम्मान है। हम इसकी समीक्षा कर रहे है। समीक्षा के बाद अपील में जाने का निर्णय लिया जाएगा।

- जेके जयंत, जनसंपर्क अधिकारी, रतलाम रेल मंडल