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रतलाम. कन्या महाविद्यालय की दो दर्जन से ज्यादा छात्राओं को पिछले महीने आए बीकॉम तृतीय वर्ष के परिणामों में शून्य अंक देने का मामला सामने आ चुका है। अब नया मामला स्वामी विवेकानंद वाणिज्य महाविद्यालय के विद्यार्थियों के साथ हुआ है। कॉलेज के करीब 100 विद्यार्थियों को शून्य अंक दे दिए गए हैं। परिणाम हाथ में आने के बाद विद्यार्थियों में आक्रोश फैल गया। इसे लेकर अभाविप के पदाधिकारियों ने बुधवार को कॉलेज परिसर में प्रदर्शन कर विक्रम विवि के कुलपति के नाम प्राचार्य डॉ. आरके माथुर को ज्ञापन सौंपकर कॉपियां फिर से चैक कर नंबर सही करने की मांग रखी है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नगर मंत्री सिद्धार्थ राव मराठा ने बताया स्वामी विवेकानंद वाणिज्य महाविद्यालय में ब.कॉम द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों का परिणाम 12 जून को ही जारी हुआ है। करीब 100 विद्यार्थियों को एक ही विषय में पूरक और शून्य अंक मिले हैं। अभाविप पदाधिकारियों ने विद्यार्थियों की परीक्षा कॉपी फिर से जांच करके परीक्षा परिणाम में सुधार करने की मांग को लेकर बुधवार को बड़ी संख्या में अभाविप कार्यकर्ता और विद्यार्थी कॉलेज परिसर में प्रदर्शन करने पहुंचे।
इन विषयों में मिले शून्य अंक
विद्यार्थियों को नियमन लेखांकन और आधार पाठ्यक्रम के हिंदी और अंग्रेज विषय में ही शून्य अंक विक्रम विवि की तरफ से दिए गए हैं। अंकसूची हाथ में आने से विद्यार्थी सकते में हैं कि उन्हें आधार पाठ्यक्रम में भी शून्य अंक कैसे मिल सकते हैं।
इसलिए भी हो सकता है
नई शिक्षा नीति के अनुसार किसी विद्यार्थी को किसी विषय में 34 या इससे कम अंक प्राप्त होते हैं तो उसे अंकसूची में शून्य अंक ही दर्शाया जाता है। चाहे विद्यार्थी को वास्तव में शून्य अंक मिले या फिर उन्हें 34 अंक हो तो उसे शून्य ही माना जाता है।
विक्रम विवि को भेज दिया
अभाविप के नेताओं और विद्यार्थियों ने शून्य अंक मिलने को लेकर ज्ञापन दिया है। इसे हमने विक्रम विवि को भेज दिया है। नई शिक्षा नीति के अनुसार यह है, इसमें हम कोई कमेंट्स नहीं कर सकते हैं।
डॉ. आरके माथुर, प्राचार्य स्वामी विवेकानंद वाणिज्य महाविद्यालय
Updated on:
18 Jun 2025 11:55 pm
Published on:
18 Jun 2025 11:55 pm
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