सागर. स्वास्थ व्यवस्थाओं को लेकर भले ही मध्य प्रदेश सरकार तमाम दावे करती आ रही है। लेकिन, जमीन पर इसकी हकीकत बेहद निंदनीय है। आलम ये है कि, कहीं इलाज के लिए अस्पताल तक ले जाने वाली एंबुलेंस नहीं मिलती, कहीं मरने के बाद मृतक को शव वाहन नसीब नहीं होता तो कहीं इलाज के दौरान चिकित्सक, दवाई और अन्य जरूरी तीजें तो दूर मरीज को पलंग तक नहीं मिलता। स्वास्थ व्यवस्था की एक ऐसी ही पोल खोलती तस्वीर सूबे के सागर से सामने आई है। बताया जा रहा है कि, किसी हादसे का शिकार युवक जब सागर के जिला अस्पताल पहुंचा, तो वहां उसे ड्यूटी पर तैनात न तो कोई चिकित्सक मिला और न ही टांके लगाने वाली नर्स। खून के बहाव को रोकने के बाद युवक ने मजबूरन खुद ही अपने पैर में टांके लगाए। इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर खासा वायरल हो रहा है।