मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी ने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार मजहबी मामलों में कानून के रास्ते दखलंदाजी कर रही है। यह किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नोमानी ने कहा कि सरकार संविधान में दिए गए शरीयत के कानून में मदाखलत (हस्तक्षेप) कर मजहबी आजादी को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि देश का संविधान मजहबी आजादी के साथ जीने का अधिकार देता है। मुफ्ती नोमानी ने कहा कि तीन तलाक और निकाह जैसे मसले मजहबी मामले हैं, जिनमें सरकार हस्तक्षेप कर मजहबी आजादी को छीनने की कोशिश कर रही है, जो नाकाबिले कबूल है।