
सिगरेट पीने के हैं शौकिन तो हो जाएं सतर्क,शराब से भी है ज्यादा खतरनाक
नई दिल्ली : लोगों में तनाव काफी बढ़ता जा रहा हैं, जिसके चलते लोग सिगरेट और शराब का सेवन अधिक करने लगे हैं। लेकिन क्या आप जानते है कि जो आप सिगरेट पी रहें हैं वो शराब से भी ज्यादा खतरनाक हो है।जी हां एेसा एक शोध के दौरान सामने आया है जहां एक हफ्ते में 750 मिलीलीटर शराब के पीने से कैंसर के चांस जितने बढ़ते हैं, उतने ही एक हफ्ते में पांच सिगरेट को पीने से भी कैंसर हो सकता है।
ब्रिटेन के शोधकर्ताओं ने लोगों को जागरूक करते हुए कम पीने वालों को बताने के लिए के अच्छा तरीक़ा निकाला है। हालांकि विशेषज्ञों के मुताबिक अधिकतर शराब पीने वालों के लिए शराब की अपेक्षा में सिगरेट का सेवन करना ज़्यादा ख़तरनाक हो सकता है और इससे उन्हें कैंसर होने का ज्यादा चांस हो जाते हैं। इन जोखिमों को कम करने का एकमात्र तरीका सिगरेट को पूरी तरह से छोड़ना है। महिला और पुरुष को एक हफ्ते में 14 यूनिट से ज्यादा शराब पीने ते लिए सख्त मना करती है। यह बीयर की 6 पाइन्ट बोतल और 6 ग्लास वाइन के बराबर है।
शोधकर्ताओं ने कहा है कि अगर आपकी सेहत खतरे में हो तो पीने की कोई मात्रा सुनिशिचत नहीं होती। इस शोध के अनुसार कम पीने वाले भी कैंसर के ख़तरे से नहीं बच पाते। एक पब्लिक स्कूल के हेल्थ लेख के दौरान शोधकर्ताओं ने कहा है कि सिगरेट को ना पीने वाले एक हजार महिला और पुरुष एक बोतल शराब पीते हैं तो तकरीबन दस से अधिक पुरुषों और चौदह महिलाओं को आने वाले समय में कैंसर होने का खतरा अधिक पढ़ जाता है।
आपकों बता दें कि शराब पीने से महिलाओं में ब्रेस्ट और पुरुषों में पेट और लिवर के कैंसर के ख़तरे बढ़ते हैं। वहीं शोधकर्ताओं की टीम ने कैंसर रिसर्च यूके के कैंसर के ख़तरों पर आधारित आकंड़े निकाले है। इसके अलावा वैज्ञानिकों की टीम ने तंबाकू और शराब से होने वाले कैंसर मरीज़ों के भी आंकड़ों पर रिसर्च की है। दरअसल, महिलाओं में अधिकतर पाई जाने वाली बीमारी ब्रेस्ट कैंसर पर शोध करने वाले डॉ. मिनौक शोमेकर ने कहा कि एेसे रिसर्च दिलचस्व बातों को सामने लाते हैं।
द इंस्टिट्यूट ऑफ कैंसर रिसर्च के वैज्ञानिक डॉ.शोमेकर ने कहा, “कैंसर के ख़तरों की तस्वीर बहुत जटिल और बारीक है, इसलिए यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि नया अध्ययन कई मान्यताओं के आधार पर है.” साथ ही कहा कि शराब और सिगरेट का सेवन करने वालों पर हो रहे इसके प्रभाव को रोक पाना बेहद मुश्किल है।
इससे इतना ही बल्कि दिल और फेफड़ों के रोग भी ज़्यादा होते हैं। 2004 के आंकड़ो का इस्तेमाल कर जानकारी प्राप्त की गई है। जिसमें उम्र,परिवार के जीन, खान-पान और जीवन शैली भी कैंसर होने की एक मात्र वजह हैं। नॉटिंगम यूनिवर्सिटी के प्रोफ़ेसर जॉन ब्रिटन कहते हैं, “मुझे नहीं लगता कि लोग ख़तरों की तुलना कर सिगरेट और शराब का चयन करते हैं।” प्रोफ़ेसर ब्रिटन यूके सेंटर फॉर टोबैको एंड अल्कोहल स्टडीज के निदेशक हैं। वो कहते हैं, “यह अध्ययन बताता है कि शराब के मुक़ाबले सिगरेट पीना कैंसर के लिए अधिक ख़तरनाक है।'
अगर सिगरेट पीने वाले अपने स्वास्थ्य के बारे में चिंतित हैं तो उनके लिए सबसे अच्छा यह होगा कि उन्हें स्मोकिंग छोड़ देनी चाहिए।” प्रोफ़ेसर ब्रिटन कहते हैं कि जो लोग शराब पीते हैं उन्हें सलाह के मुताबिक़ 14 यूनिट के अधिक नहीं पीना चाहिए। वहीं, डॉ. बॉब पैटन का कहना है कि यह अध्ययन लोगों की सोच बदलेगा। डॉ. पैटन सरे यूनिवर्सिटी में मनोविज्ञान विभाग में प्रोफ़ेसर हैं।
Updated on:
31 Mar 2019, 12:34 PM IST
Published on:
31 Mar 2019, 12:31 PM IST
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