आरोपी पक्ष के एडवोकेट अजय गौतम के अनुसार, FIR में घटना का समय रात 12.30 बजे से 12.45 के बीच दर्ज किया गया है। चालान डायरी के अनुसार, गिरफ्तारी का समय 12.45 मिनट दर्ज हैं। लेकिन, हथियार जब्त करने का समय 12 बजकर 40 मिनट लिखा है। यानी पुलिस ने गिरफ्तारी से 5 मिनट पहले हथियार जप्त कर लिया। ऐसा कैसे संभव है? कोर्ट में क्रॉस क्वेश्चनिंग के दौरान इन्वेस्टिगेशन ऑफीसर ने बताया कि, वो घटनास्थल पर 12 बजकर 46 मिनट पर पहुंचे थे। इस हिसाब से गिरफ्तारी 12 बजकर 46 मिनट के बाद होनी चाहिए थी और उसके बाद हथियार जब्त होने चाहिए थे।