आपको बता दें कि, इस प्रथा का चलन सिर्फ मध्य प्रदेश के शिवपुरी में ही नहीं, बल्कि गुजरात के भी कुछ गांव ऐसे हैं, जहां 'धड़ीचा प्रथा' थी। हैरानी की बात है कि किराए पर बीवी की कुप्रथा कई दशकों से लगातार ऐसे ही चली थी। लेकिन, कई सामाजिक संगठनों के आवाज उठाने पर यह प्रथा-धीरे-धीरे बंद हो गई।