
AI जनरेटेड प्रतीकात्मक तस्वीर
रींगस. प्रस्तावित रींगस-खाटूश्याजी रेलवे लाइन का विरोध शुरू हो गया है। रेलवे लाइन के विरोध में विभिन्न गांवों के अनेक लोगों ने एसडीएम ऑफिस पहुंच कर रेलवे लाइन के विरोध में एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। लोगों ने बताया कि रेलवे लाइन की वजह से किसानों की भूमि अवाप्त होंगी जिसकी वजह से लोगों की खेती प्रभावित होगी।
रेलवे लाइन की वजह से अनेक प्रचलित रास्ते बन्द हो जाएंगे। रेलवे लाइन के विरोध में क्षेत्र के कई गांवों कोटडी धायलान, तपिपल्या, आभावास, कैरपुरा सहित अनेक गावों के दर्जनों लोग एसडीएम ऑफिस के बाहर पहुंचे।
कैलाश बाजिया, राधेश्याम कुमावत, रामेश्वर लाल बिजारनिया रिछपाल भालू राम भगवान सिंह आदि ने बताया कि रेलवे लाइन का पूर्व में भी सर्वे हुआ था। अब नए सर्वे की वजह से किसानों की सिंचित भूमि प्रभावित होगी जिसकी वजह से खेती पर निर्भर किसानों की खेती प्रभावित होगी।
इसके बजाय रींगस जंक्शन का विकास किया जाना चाहिए। यहां से भीड़ भी नियंत्रण में रहेगी। इसके अलावा अन्य स्टेशनों का विकास कर वैकल्पित स्टेशन सुंदरपुरा में बनाया जाना चाहिए। इससे किसानों की कम जमीन आवाप्त होगी। रींगस जंक्शन खाटूश्यामजी से 15 किमी दूर है।
ऐसी स्थिति में रींगस का विकास कर वहां पर भगदड़ व भीड़ को भी नियंत्रित किया जा सकता है। प्रस्तावित रेलवे लाइन के सर्वे व नक्शे में बार-बार परिवर्तन किया जा रहा है। इससे क्षेत्र की जनता की भी धड़कनें तेज हो रही है। ग्रामीणों को अपने खेत, दुकान व मकान जाने का भय सता रहा है। इसी को लेकर अनेक गांवों के ग्रामीणों ने एसडीएम को मुख्य मंत्री एवं रेल मंत्री के नाम ज्ञापन दिया।
Updated on:
19 Jun 2025 01:21 pm
Published on:
19 Jun 2025 01:20 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
