जानकारी के अनुसार वेराजेतपुरा गांव में शनिवार को एक दस वर्षीय बालक बलवीर सिंह अपने घर के बाडे में खेल रहा था। तभी उसकी नजर एक सांप पर पडी और वह भागता हुआ अपनी मां के पास पहुंचा और इसकी जानकारी दी। ग्रामीणों से जानकारी मिलने पर सरपंच करणसिंह की सूचना पर स्नेक लवर अशोक सोनी मौके पर पहुंचे तथा सांप को सुरक्षित रेस्क्यू कर उसे पुनर्वास के लिए जंगल में छोड दिया। सोनी ने बताया कि यह सांप विषैली प्रजाती का सॉ-स्कल्ड वाईपर है। जिसके काटने पर अत्यंत दर्द के साथ ही जहां काटा है वह भाग काला पड़कर अंग सडने लगता है। समय पर इलाज ना मिलने पर सडांध निरंतर बढती है और मृत्यु भी हो सकती है।