बता दें कि पप्पू पुत्र हीरा गरासिया निवासी माण्डवा फली उदयपुर हाल तोरणा गांव माउंट आबू अपनी पत्नी पवनी देवी, मित्र कालूराम गरासिया, चंदू गरासिया, रुमा गरासिया व भीका गरासिया के साथ मजदूरी करने माउंट आबू आए हुए थे। वे मजदूरी कर शाम को घर लौटते और एक साथ भोजन बनाते थे। देर शाम वे घर लौटे। कालूराम रोटी बनाने के लिए आटा गूंथ रहा था। आटे में पानी डालने के लिए पवनी देवी पास में से ही पानी ले रही थी कि अचानक चार भालुओं ने एक साथ पवनी देवी पर हमला कर दिया। उसके चिल्लाने पर पपू, चंदू, रूमा व भीका बीच-बचाव करने लगे। इसी बीच पपू व चंदू पर भी भालुओं ने हमला बोल दिया। जिससे दोनों को चोटें आईं।