इंदौर. इस खबर को पढऩे के बाद आपको अचरज महसूस करने की जरूरत नहीं है कि इंदौर निवासी 45 वर्षीय मोटिवेशनल स्पीकर को हाथ नहीं होने के बावजूद, ड्राइविंग लाइसेंस कैसे मिल गया? लेकिन यह इसलिए संभव है, क्योंकि विक्रम अग्रिहोत्री पैर से वाहन चलाते हैं। इस बात की भी संभावना जताई जा रही है कि वो भारत के पहले व्यक्ति हैं, जिन्हें पैर से वाहन चलाने के बावजूद ड्राइविंग लाइसेंस जारी किया गया है।