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जन्मदिन विशेष: महज 12 साल की उम्र में ही अपने भाई से ज्यादा वजन उठा लेती थी मीराबाई चानू

भारत की स्टार महिला वेटलिफ्टर मीराबाई चानू आज 28 वर्ष की हो गई हैं। उन्होंने हाल में ही कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में भारत को स्वर्ण पदक दिलाने का खाता खोला था। आइए उनके जीवन पर एक नजर डालते हैं
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नई दिल्ली

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Mohit Kumar

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Updated: 8 Aug 2022, 11:33 AM IST

Mirabai Chanu

Mirabai Chanu

Happy Birthday Saikhom Mirabai Chanu: मीराबाई चानू, इस नाम से आप सभी परिचय जरूर होंगे। इन दिनों यह नाम भारत के साथ-साथ विश्व भर के लोगों के जुबां पर छाया है। भारत की स्टार महिला वेटलिफ्टर आज 28 वर्ष की हो गई है। आज हम आपको मीराबाई चानू के जीवन की कुछ खास बातें बताने जा रहे हैं। बता दें कि कॉमनवेल्थ 2022 में उन्होंने भारत के लिए पहला गोल्ड मेडल जीता था और इसके साथ ही भारत की गोल्ड मेडल जीतने की शुरुआत हो गई थी। आपको बता दें कि वह भारत की दूसरी महिला थी जो वेटलिफ्टिंग में विश्व चैंपियन बनी थी मीराबाई से पहले कर्णम मल्लेश्वरी 1994 में विश्व चैंपियन बनी थी

महज 12 साल की उम्र में ही उठा लेती थी ज्यादा वजन

टोक्यो ओलंपिक की सिल्वर सिल्वर मेडलिस्ट और कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में स्वर्ण पदक जीतने वाली मीराबाई चानू मात्र 12 साल की उम्र में ही अपने भाई से ज्यादा वजन उठा लेती थी। हिंदुस्तान की खबर के अनुसार जब वह अपने घर में जलाने के लिए लकड़ी लाती थी तो अपने भाई से भी ज्यादा वजन वह आसानी से उठाकर ले आती थी, उस समय उनकी उम्र मात्र 12 साल की ही थी। यह देखने के बाद उनके माता-पिता ने उनकी इस प्रतिभा को पहचाना और उन्हें स्पोर्ट्स में आगे बढ़ने को कहा।

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मीराबाई चानू का जन्म 8 अगस्त 1994 को भारत के नॉर्थ ईस्ट के दूरदराज इलाके मणिपुर की राजधानी इंफाल के नांगोपोक इलाके में हुआ था। मीराबाई चानू चर्चा में तब आई जब उन्होंने 2014 ग्लासको राष्ट्रमंडल खेलों में 48 किलो वर्ग में सिल्वर मेडल जीता था। इसके बाद मीराबाई चानू ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और एक के बाद एक मेडलो की झड़ी लगा दी। साल 2020 टोक्यो ओलंपिक में 49 किलो वर्ग महिला वेट लिफ्टिंग में उन्होंने सिल्वर पदक जीतकर भारत का मान पूरे विश्व में बढ़ाया।

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इससे पहले वह वेटलिफ्टिंग में विश्व चैंपियन बन चुकी थी। साल 2017 में हुई वर्ल्ड चैंपियनशिप में उन्होंने महिला 48 किलो वर्ग में गोल्ड मेडल अपने नाम किया था। इसके साथ ही वह भारत की वर्ल्ड चैंपियन कहलाने वाली दूसरी महिला बनी थी। चानू से पहले विश्व चैंपियन बनने का रिकॉर्ड भारतीय वेटलिफ्टर कर्णम मल्लेश्वरी के नाम था जो उन्होंने 1994 में बनाया था। इसके अलावा कॉमनवेल्थ गेम्स में उन्होंने तीन बार लगातार पदक जीते हैं। 2014 में सिल्वर, 2018 में गोल्ड और 2022 में भी गोल्ड पदक जीतकर उन्होंने भारत का नाम रोशन किया।