
अमीरुल इस्लाम और उज्ज्वल तूहीन खान
श्रीगंगानगर। लावारिस और मानसिक विमंदित मानकर जिन दो लोगों को पुलिस ने आसरा देने वाले आश्रम में ठहराया था, वह बांग्लादेशी निकले। इस बात का पता चलने पर पुलिस दोनों को आश्रम से श्रीगंगानगर के संयुक्त पूछताछ केन्द्र लेकर आई। पूछताछ पूरी होने के बाद इन्हें वापस सूरतगढ़ पुलिस को सौंप दिया गया। अब दोनों को डिपोर्टेशन सेंटर भेजा जाएगा।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार सूरतगढ़ के रेलवे स्टेशन पर 2018 में लावारिस हालत में मिले एक जने को पालीवाला के हरप्रभ आसरा आश्रम में छोड़ा गया। दूसरा व्यक्ति 2022 में रेलवे स्टेशन पर मिला। उसे भी आश्रम में छोड़ दिया गया।
आश्रम में रहते हुए ये दोनों वहां के सेवादारों से घुल मिल गए। पिछले दिनों सेवादारों से बातें करते हुए इन दोनों ने अपने गांव के नाम बताए तो सेवादारों ने उस नाम के गांव गूगल पर सर्च किए। गूगल पर दोनों के गांव बांग्लादेश में होने की जानकारी मिलते ही सेवादारों के हाथ-पांव फूल गए।
सेवादारों ने इसकी सूचना सूरतगढ़ सदर थाने को दी तो पुलिस दल तुरंत आश्रम पहुंच गया और दोनों को अपने साथ ले गया। पुलिस की पूछताछ में एक ने अपना नाम अमीरुल इस्लाम (40) पुत्र पीसू मोहमद, गांव मोहतपुर, जिला ठाकुर, बांग्लादेश तथा दूसरे ने अपना नाम उज्ज्वल तूहीन खान (30) पुत्र बादल खां, गांव सोनाकुर जिला पिरीसपुर बांग्लादेश बताया। उज्ज्वल 2018 से तथा अमीरुल 2022 से आश्रम में रह रहा था। सच सामने आने पर पुलिस के भी होश उड़ गए। हालांकि, संयुक्त पूछताछ केन्द्र में हुई पूछताछ में इनके मानसिक विमंदित होने की पुष्टि होने पर सूरतगढ़ पुलिस को सौंप दिया गया।
सदर थाने के एसआई सोहनलाल ने बताया कि दोनों की सूचना सेवादारों की ओर से मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को पुलिस थाना लेकर आई। इसके बाद दोनों जनों को श्रीगंगानगर मुख्यालय पर गुप्तचर एजेंसियों के पास भेजा गया। पूछताछ के बाद वापस सूरतगढ़ लाया जाएगा।
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Updated on:
27 Mar 2025 09:22 am
Published on:
27 Mar 2025 09:22 am
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