
आंदोलन को संबोधित करते हुए सांसद हनुमान बेनीवाल (पत्रिका फोटो)
मांझूवास/कैचियां/श्रीगंगानगर: श्रीगंगानगर जिले के नरसिंहपुरा बारानी में कचरा प्लांट के विरोध में ग्रामीणों ने श्रीगंगानगर कूच किया। पुलिस-प्रशासन ने बुधवार आधी रात महियांवाला टोल नाके पर उन्हें रोक दिया। इसके बाद आंदोलनकारियों ने वहीं धरना लगाकर नेशनल हाईवे जाम कर दिया। जाम के कारण वाहनों की कतारें लग गईं और आवागमन प्रभावित हुआ।
स्थिति को देखते हुए पुलिस जाब्ता तैनात किया गया। रात करीब साढ़े 12 बजे प्रशासनिक अधिकारियों ने राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल व संघर्ष समिति के पदाधिकारियों से वार्ता की, जो विफल रही। टोल नाके से महियांवाली की तरफ नेशनल हाईवे पर लगे धरने में हजारों लोग बैठे रहे। रात करीब डेढ़ बजे तक भी लोग वहीं डटे हुए थे।
इससे पहले दिनभर चली महापंचायत और रात को नरसिंहपुरा में प्रशासन के साथ हुई वार्ता में सहमति नहीं बनने पर सांसद हनुमान बेनीवाल के नेतृत्व में ग्रामीण सैकड़ों वाहनों से श्रीगंगानगर के लिए रवाना हुए थे।
इससे पूर्व नरसिंहपुरा बारानी में कचरा प्रोसेसिंग प्लांट के विरोध में चल रहे आंदोलन में बुधवार रात स्थिति तनावपूर्ण हो गई। डीएसपी नीलम चौधरी की मौजूदगी में प्रशासन और ग्रामीणों के बीच हुई वार्ता सफल नहीं हुई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि रात 10.30 बजे तक मांग नहीं मानी गई तो वे श्रीगंगानगर की ओर कूच करेंगे। इसके बाद धरनास्थल पर राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी तेज हो गई।
बड़ी संख्या में पुरुष और महिलाएं महियांवाली टोल नाके पर पहुंच गए। रात साढ़े 11 बजे से रात डेढ़ बजे तक मांझूवास की महिलाओं को टोल नाके पर धरने में सबसे आगे बिठाया गया।
इस दौरान एक जीप पर लगे लाउडस्पीकर से वक्ताओं ने कहा कि सरकार श्रीगंगानगर शहर की गंदगी को उनके गांव में कचरा प्लांट लगाकर डालने का काम कर रही है। इसके खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी।
बेनीवाल के दौरे और ग्रामीणों के आंदोलन को लेकर पुलिस-प्रशासन ने व्यापक बंदोबस्त किया। सुबह 8 बजे से रात डेढ़ बजे तक पुलिस जाब्ता तैनात रहा। एडिशनल एसपी दीपक कुमार शर्मा की अगुवाई में पुलिस अधिकारियों और आरएसी की दो टीमों ने मोर्चा संभाला।
नरसिंहपुरा बारानी में कचरा प्लांट के विरोध में 175 दिन से आंदोलन चल रहा है। बुधवार सुबह से ही नरसिंहपुरा, मांझूवास सहित आसपास के गांवों और चक्कों से बड़ी संख्या में ग्रामीण महापंचायत में शामिल होने के लिए आने लगे।
यहां आयोजित महापंचायत को नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने संबोधित किया। बेनीवाल ने कहा कि राज्य सरकार चाहे कितनी कोशिश कर ले, कचरा प्रोसेसिंग प्लांट यहां नहीं लगने दिया जाएगा। उन्होंने टिब्बी में इथेनॉल प्लांट के विरोध में हुए आंदोलन का उदाहरण देते हुए कहा कि जनआंदोलन के कारण जब वहां प्लांट नहीं लगा तो नरसिंहपुरा बारानी में भी प्लांट नहीं लगेगा। उन्होंने कहा कि कचरा प्लांट से गोवंश, मानव जीवन और प्रकृति पर विपरीत असर पड़ेगा।
रात पौने दो बजे जिला प्रशासन और आरएलपी सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल के बीच तीसरे दौर की वार्ता हुई। इसमें जिला प्रशासन ने कचरा प्लांट के लिए निर्धारित कमेटी से वैकल्पिक जगह पर पुनर्विचार करने की बात कही।
एडीएम प्रशासन सुभाष कुमार ने बताया कि जिला प्रशासन कमेटी के साथ दोबारा बैठक कर कचरा प्लांट लगाने से पहले अन्य वैकल्पिक जगह पर सकारात्मक कदम उठाएगा। इस आश्वासन पर ग्रामीणों के प्रतिनिधियों ने महियांवाली टोल नाके पर चल रहा आंदोलन स्थगित करने की घोषणा की। इसके बाद ग्रामीणों ने वापस मांझूवास जाने की बात कही।
Updated on:
01 Oct 2026 07:30 am
Published on:
01 Oct 2026 07:30 am
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