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गोरखपुर : मदन मोहन मालवीय विश्वविद्यालय के छात्र गांव गांव जा करके देंगे गरीब बच्चों को फ्री में कम्प्यूटर शिक्षा

मदन मोहन मालवीय विश्वविद्यालय ने 2019 में 5 गांवों को गोद में लिया था। उन गांवों के बच्चों का भविष्य जल्द ही बदलने वाला है । एमएमएमयूटी के बीटेक के अंतिम वर्ष के छात्र गांवों में जा करके बच्चों को कम्प्यूटर सीखाएंगे ।
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गोरखपुर

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Anand Shukla

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Updated: 24 Sep 2022, 2:48 PM IST

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मदन मोहन मालवीय विश्वविद्यालय

गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के पांच गांवों के बच्चों का भविष्य जल्द ही बदलने वाला है । मदन मोहन मालवीय विश्वविद्यालय ने पांच पिछड़े गांवों को गोद लिया था । विश्वविद्यालय के बीटेक के अंतिम वर्ष के छात्र उन गांवों में जा करके गरीब बच्चों को फ्री में कम्प्यूटर शिक्षा देंगे । विश्वविद्यालय के अनुसार छात्र हफ्ते में दो दिन जाएंगे ।

खराब पड़ी बस को बनाएया जाएगा कम्प्यूटर वैन
विश्वविद्यालय प्रशासन ने निर्णय लिया है कि खराब पड़ी बस को कम्प्यूटर वैन में बदल दिया जाएगा । यह फैसला रखरखाव और बिजली की झंझट से मुक्ति के लिए लिया है । विश्वविद्यालय ने जिन 5 गांवों को गोद लिया था उन गांवों में महिलाओं को ब्यूटी पार्लर तथा खराब हो चुके एलईडी बल्ब ठीक करने समेत कई प्रकार के प्रशिक्षण दिए गए हैं। अब उन गांवों के बच्चों को कम्प्यूटर सीखना का मौका मिलेगा ।

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विश्वविद्यालय प्रशासन ने जंगल रामलखना, जंगल बेलवार, जंगल अयोध्या प्रसाद, रायगंज और डुमरी खुर्द गांवों को गोद लिया है। जंगल रामलखना में द्रोण लैब भी है। विवि प्रशासन के मुताबिक इससे वहां के लोगों की आत्मनिर्भरता और जीवन शैली में बड़ा बदलाव आया है।

दिवाली के आसपास शुरू होगा कम्प्यूटर का प्रशिक्षण
एमएमएमयूटी कुलपति, प्रो. जेपी पांडेय के अनुसार एनएसएस द्वारा गोद लिए गए पांचों गांवों के बच्चों को हफ्ते में तीन-तीन दिन उनके गांव में जाकर प्रशिक्षण दिया जाएगा। एक पुरानी बेकार पड़ी बस की मरम्मत कराकर उसे कम्प्यूटर वैन बनाया जाएगा। वैन प्रतिदिन प्रशिक्षण के लिए जाएगी। सब ठीक रहा तो अगले महीने से प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हो जाएगा।

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राज्यपाल ने गोद लेने के निर्देश दिए थे
2019 में कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने एमएमएमयूटी में हुए दिक्षांत समारोह में कहा था कि विश्वविद्यालय 5 गरीब गांवों को गोद लेगा और कॉलेज 1 गांवों को गोद लेगा । उन गांवों के महिलाओं और बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने के कुशल प्रशिक्षण दिया जाएगा । इसी के तहत एमएमएमयूटी ने 5 गांवों को गोद लिया था और अब उन गांवों के बच्चों को फ्री में कम्प्यूटर सीखने को मिलेगा ।