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कलशयात्रा में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, श्रीराम महायज्ञ व हनुमान मूर्ति की प्राण -प्रतिष्ठा का हुआ आयोजन

श्रीराम महायज्ञ के आयोजन पर महिलाओं ने कलशयात्रा निकाली।  
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टोंक

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Pawan Kumar Sharma

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Updated: 21 May 2018, 4:04 PM IST

  Kalashatra

बरवास .छाण बास सूर्या में होने वाले श्री श्रीराम महायज्ञ को लेकर रविवार को महिलाओं ने कलशयात्रा निकाली।

बरवास .छाण बास सूर्या में होने वाले श्री श्रीराम महायज्ञ को लेकर रविवार को महिलाओं ने कलशयात्रा निकाली। इसमें श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। इस मौके पर हनुमान जी की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम हुआ। इससे पूर्व महिलाएं व श्रद्धालु चौराहे पर एकत्र हुए। इसके बाद बैण्डबाजे के साथ कलशयात्रा रवाना हुई।

ये मुख्य मार्गों से होते हुए महायज्ञ स्थल पर पहुंची। इसके बाद झण्डा, प्रधान कुण्ड व अन्य कुण्डों के लिए बोली लगाई गई। बोली में श्रद्धालुओं ने बढ़-चढकऱ हिस्सा लिया। श्रीराम महायज्ञ व हनुमान जी की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम श्री सीतारामदास के सान्निध्य में हुआ। श्रीराम महायज्ञ सात दिन तक चलेगा।

कलश यात्रा निकाली

मालपुरा. उपखण्ड के किरावल गांव में रामाश्रय दास जी के सान्निध्य में मां सती एवं महर्षि च्यवन ऋषि मन्दिर में 27 मई तक चलने वाले नव कुण्डात्मक श्रीराम महायज्ञ व भागवत कथा के आयोजन को लेकर रविवार को बैण्ड-बाजों के साथ कलश यात्रा निकाली गई।

ग्रामीणों की ओर से जगह-जगह कलश यात्रा का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। वहीं उपखण्ड के इन्दौली गांव में पं. राजेन्द्र शास्त्री के सान्निध्य में श्रीबालाजी मन्दिर में चलने वाली श्रीमद् भागवत कथा के आयोजन को लेकर बैण्ड-बाजों के साथ कलश यात्रा निकाली गई।


जीवन में राम का नाम जपा करो
शतचण्डी महायज्ञ समिति व बारादरी रामचरित मानस मण्डल के तत्वावधान में बारादरी बालाजी मन्दिर में चल रहे शतचण्डी महायज्ञ में रविवार को श्रद्धालुओं ने मंत्रोच्चारण के साथ पूजा-अर्चना कर यज्ञ में आहुतियां दी। यज्ञशाला स्थल पर बाबा बालकदास त्यागी (उत्तरप्रदेश) के सान्निध्य में यज्ञाचार्य सन्तोष शास्त्री वाराणसी के की ओर से मंत्रोच्चारण के साथ पूजा-अर्चना करवाई गई।

रामकथा में कथावाचक श्रीरामकृष्ण पाठक ने कहा कि जीवन में राम का नाम का प्रतिदिन जाप करना चाहिए। राम से बड़ा कोई नाम नहीं है। भगवान राम के बताए मार्ग व उनके आदर्शों पर चलकर हम अपने जीवन का कल्याण कर सकते है। रामकथा सुनने के लिए महिलाओं की भीड़ उमड़ रही है। यज्ञशाला में श्रद्धालुओं ने पूजा में हिस्सा लेकर हवन में आहुतियां दी।

यज्ञ पूर्णाहुति में दी आहुति
देवली .क्षेत्र के बोरड़ा गणेश मन्दिर परिसर में चल रहे चार दिवसीय संकटहर्ता गणपति महायज्ञ की रविवार शाम पूर्णाहुति हुई। इस मौके पर रविवार को श्रद्धालुओं ने हवन कुण्ड में आहुतियां दी। पूर्णाहुति के मौके पर वैदिक मंत्रों के साथ श्रद्धालुओं ने हवन कुण्ड में आहुतियां दी। शाम को विधिवत यज्ञ भगवान की आरती की गई।

वहीं सभी देवी-देवताओं का आह्नान किया गया। इसके बाद मन्दिर परिसर में भण्डारे का आयोजन हुआ। इसमें श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की। साथ ही पुष्कर व काशी से पण्डितों को यज्ञ समिति की ओर से दान-दक्षिणा व भेंट दी गई। भगवान गुरुकृपा संस्थान व यज्ञ समिति के पं मुकेश गौतम, गणेश मन्दिर समिति अध्यक्ष गिरिराज जोशी आदि उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि 17 मई से संकटहर्ता गणपति महायज्ञ बोरड़ा गणेश मन्दिर में चल रहा था।

कलशयात्रा निकाली
निवाई . नला गांव में भागवत कथा के आयोजन के अवसर पर रविवार को कलश यात्रा निकाली गई। श्रद्धालु सुरेन्द्र दाधीच ने बताया कि कलश यात्रा श्रीचारभुजनाथ मंदिर में कलशों की विधिवत पूजा-अर्चना के बाद जुलूस के रूप में रवाना हुई। जुलूस में सजी-धजी महिलाएं कलश को सिर पर धारण कर भजन गाती हुई चल रही थी। कथा के मुख्य यजमान पवित्र ग्रन्थ भागवत को सिर पर धारण कर चल रहे थे।

कलश यात्रा गांव के मुख्य मार्ग से होती हुई श्रीराधादामोदर मंदिर पहुंची। जहां कलशों को स्थापित किया गया। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन सुबह 9 से 4 बजे तक कथा वाचक पं. जगदीश दाधीच कथा वाचन करेंगे। कथा की पूर्णाहुति 27 मई को होगी। शोभायात्रा में बद्रीलाल, राधामोहन, कृष्ण ? गोपाल, रामअवतार, सत्यनारायण, रमेश, सुरेन्द्र, दिनेश, परमेश्वर, पूरण, नोनी, सतीश, जितेन्द्र, तरूण, आदित्य एवं मोहित शामिल थे।