
देवली में सीआईएसएफ परिसर में दीक्षान्त समारोह के दौरान साहसिक प्रदर्शन करते आरक्षक।
राष्ट्र की सुरक्षा के लिए रहें तैयार-अपर महानिदेशक
देवली. केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) आरटीसी परिसर में शनिवार को आरक्षक/जीडी के ५५वें बैंच की तीसरी व चौथी टे्रनिंग बटालियन का दीक्षान्त समारोह हुआ। समारोह में मुख्य अतिथि अपर महानिदेशक (हैडक्वार्टर) आलोक कुमार पटेरिया थे।
उन्होंने कहा कि दीक्षान्त समारोह के बाद आरक्षक बल परिवार का सदस्य बन जाता है, जिसका पहला धर्म केवल राष्ट्र सुरक्षा है।
ऐसे में अब नव आरक्षकों को सदैव राष्ट्र सुरक्षा के लिए तैयार व तत्पर रहना चाहिए। उन्होंने आरक्षकों को शपथ दिलाई। बल के प्राचार्य व डीआईजी सरोकान्त मल्लिक ने कोर्स रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि तीसरी व चौथी बटालियन में १९८१ आरक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया है। केन्द्र पर ३९ सप्ताह के प्रशिक्षण के दौरान आरक्षकों को कड़ी परीक्षा से गुजरना पड़ा।
इन्हें किया पुरस्कृत
मुख्य अतिथि पटेरिया व प्राचार्य एस. के. मल्लिक ने प्रशिक्षण अवधि में दौरान विभिन्न क्षेत्र में अव्वल रहे आरक्षकों को पुरस्कृत किया।
इस दौरान बेस्ट शूटिंग में जितेन्द्र कुमार, ऑल राउण्ड बेस्ट में देवेन्द्र सिंह यादव, बेस्ट इन्डोर में रवि शेखर, बेस्ट आउटडोर में सचिन बैरागी सहित ९ आरक्षकों को अतिथियों ने पुरस्कृत किया। समारोह की समाप्ति के बार आरक्षक परिजनों से मिले तथा अपने प्रशिक्षण के अनुभव साझा किए। आरक्षक जितेन्द्र सिंह ने बताया कि देश का सैनिक बनकर उन्हें स्वयं पर गर्व हो रहा है।
समारोह में ये थे अतिथि
सीआईएसएफ के दीक्षान्त समारोह में वरिष्ठ कमाण्डेंट निर्विकार, कमाण्डेंट मनमोहन कुमार, विपिन तोमर, एल. आर. पाढ़ी, पुलिस उपाधीक्षक नरेन्द्र मोहन शर्मा, उपकमाण्डेंट एस. वी. शाही, राममोहन, एस.एस. दलाल, डॉ. रमन, अतिथि डॉ. गुरमीत सेठी, प्रदीप सिंह शक्तावत, रमेश जिन्दल, खाद्य निरीक्षक मदन गुर्जर, राहुल जिन्दल आदि उपस्थित थे।
साहसिक प्रदर्शनों ने मोहा मन
दीक्षान्त समारोह में नव आरक्षकों ने विभिन्न साहसिक कार्यक्रमों का प्रदर्शन कर अतिथियों व दर्शकों का मन मोह लिया। इनमें छाऊ नृत्य, जूडो कराटे, पारकोर (दीवार पर चढ़ाई) मलखम्भ, मलखम्भ पर योगा, मार्शल आर्ट, (कलेरी पईतु) केरल का मार्शल आर्ट, साईलेन्ट ड्रील, चाइनीज मार्शल आर्ट आदि कार्यक्रमों मुख्य थे।
इनका दिया प्रशिक्षण
इस अवधि में प्रत्येक आरक्षक को मेजर एक्ट्स, माइनर एक्ट्स, विमानन सुरक्षा, मानव अधिकारों के साथ फिल्ड क्राफ्ट, ऑपरेशन टेक्टिस, रण कौशल, गहन हथियार रणनीति, संचार, वायरलैस संचालन आदि का प्रशिक्षण दिया गया है।
इसके अलावा उन्हें ९ एमएम पिस्टल, ९ एमएम कारबाईन, ५.५६ एमएम एनसास, ७.६२ एमएम ऐके-४७, ग्लोक पिस्टल आदि हथियारों के संचालन में भी प्रशिक्षित किया। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण काल में मेन्टर पद्धति से आरक्षकों को प्रशिक्षण दिया है।
इसके चलते एक आरक्षकों को ७२ घंटे तक भोजन व पानी नहीं मिलने पर भी वे स्वस्थ रह सकेंगे। इससे पहले मुख्य अतिथि आलोक कुमार ने परेड का निरीक्षण किया। परेड ने मंच के सामने से गुजरते हुए मुख्य अतिथि को सलामी दी। विभिन्न टुकडिय़ों के १९८१ जवानों ने परेड का प्रदर्शन किया। इस दौरान समारोह ड्रोन के माध्यम से कवरेज किया गया।
Published on:
4 Feb 2018, 12:59 PM IST
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