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video: कार्यशाला में जनप्रतिनिधियों ने पंचायत विकास के सिखे गुर

कार्यशाला में ‘आपणी योजना आपणो विकास’ कार्यक्रम के तहत जन सहभागिता के आधार पर समन्वित विकास योजना का प्रारूप तैयार किया गया।
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टोंक

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Pawan Kumar Sharma

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Updated: 27 Dec 2017, 8:24 AM IST

कार्यशाला

आवां में आयोजित कार्यशाला में प्रारूप तैयार करते प्रशिक्षणार्थी।

आवां. अटल सेवा केन्द्र में मंगलवार को आवां, चांदली, राजकोट, टोड़ा का गोठड़ा, सीतापुरा और ख्वासपुरा पंचायतों के जनप्रतिनिधियों और पंचायत राज कार्मिकों की कार्यशाला सरपंच राधेश्याम चन्देल की अध्यक्षता में हुई।

इसमें प्रारम्भिक शिक्षा, कृषि, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता के साथ महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की जानकारी दी गई।

नेम सिंह राणा और महिला पर्यवेक्षक सन्तोष राठौड़ ने बताया कि इस कार्यशाला में ‘आपणी योजना आपणो विकास’ कार्यक्रम के तहत जन सहभागिता के आधार पर समन्वित विकास योजना का प्रारूप तैयार किया गया। रतनलाल, मोहनलाल, जयकिशन ने बताया कि वार्षिक योजना को अधिकाधिक गुणवत्तापूर्ण बनाने के गुर बताए गए।


नगरफोर्ट. ‘आपणो गांव, आपणो विकास’ योजना के लिए बुधवार को अटल सेवा केन्द्र में कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। पंचायत सचिव त्रिलोकचंद शर्मा ने बताया कि इसमें सभी विभागों के अधिकारी व जनप्रतिनिधि शामिल होंगे।

किसानों को दी जानकारी
पचेवर . कृषि सेवा केन्द्र में मंगलवार को फार्म फील्ड स्कूल प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। सहायक कृषि अधिकारी हनुमान सहाय लक्षकार ने कृषकों को विभागीय गतिविधियों की जानकारी दी। इस दौरान खेतों में फार्म पोण्ड खुदवाने व मिलने वाले अनुदान के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि बारिश की कमी के कारण किसानों के लिए फार्म पोण्ड निर्माण अति आवश्यक हैं।


फार्म पोण्ड के लिए सरकार की ओर से 52 हजार 500 रुपए का अनुदान दिया जाता है। साथ ही कृषि कार्य के लिए कृषि यंत्र थ्रेसर, पाइप लाइन, फव्वारा सेट व रोटोवेटर के लिए 30 हजार का अनुदान देय है। पूर्व में बनाए गए फार्म पोण्ड के किसान पम्पसेट खरीदते हैं तो 15 हजार रुपए अनुदान प्राप्त कर सकते हैं।

सहायक कृषि अधिकारी ने बताया कि क्षेत्र में इस बार बारिश की कमी के कारण 20 प्रतिशत ही सरसों व चने की फसल है। दिसम्बर माह में मोयले के प्रकोप से बचने के लिए किसान शाम के समय खेत की मेड़ पर धुआं कर दे, जिससे फसलों में कीट पैदा नही होगें। इस मौके पर धन्नालाल गुर्जर, रामदेव सैनी, रामरतन जाट, भंवर लाल माली, किशन लाल माली, सुखलाल सालोदिया समेत कई किसान मौजूद थे।