सहायक कृषि अधिकारी ने बताया कि क्षेत्र में इस बार बारिश की कमी के कारण 20 प्रतिशत ही सरसों व चने की फसल है। दिसम्बर माह में मोयले के प्रकोप से बचने के लिए किसान शाम के समय खेत की मेड़ पर धुआं कर दे, जिससे फसलों में कीट पैदा नही होगें। इस मौके पर धन्नालाल गुर्जर, रामदेव सैनी, रामरतन जाट, भंवर लाल माली, किशन लाल माली, सुखलाल सालोदिया समेत कई किसान मौजूद थे।