
वनस्थली विद्यापीठ आए नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी ने कहा, भारत में नैतिक शिक्षा का हो रहा है पतन
निवाई. वनस्थली विद्यापीठ का विशेष वार्षिकोत्सव रविवार को आयोजित किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि नोबेल शांति पुरस्कार विजेता और बचपन बचाओ आंदोलन के संस्थापक कैलाश सत्यार्थी थे। उन्होंने कहा कि सभी को समाज के बदलाव के लिए कार्य करना है।
अभी नहीं तो कभी नहीं, अगर आप नहीं तो कौन? उन्होंने कहा कि यह नवरात्र का समय है। हम लोग देवी दुर्गा की अराधना कर लड़कियों की पूजा कर रहे हैं और विड़म्बना यह है कि भारत में बच्चियों का शोषण हो रहा है। भारत में हर घंटे 8 बच्चों का अपहरण हो रहा है। यह चिंता का विषय है। भारत में नैतिक शिक्षा का पतन हो रहा है।
उन्होंने कुलपति शास्त्री से विद्यापीठ में बाल सुरक्षा अधिकार विषयक पाठ्यक्रम शामिल किए जाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि एक सर्वे के अनुसार भारत में तनावग्रस्त लोगों की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है। यह वास्तव में चिंता का विषय है। इसके लिए कुछ ठोस उपाय किए जाने की आवश्यकता है।
यहां सत्यार्थी की ओर से तैयार वृत्तचित्र 100 मिलियन कैम्पेन का प्रदर्शन भी किया गया। कुलपति आदित्य शास्त्री ने कहा कि सत्यार्थी के मार्गदर्शन व संरक्षण में अब तक 8 7,000 से भी अधिक बच्चों को दासता, बाल तस्करी और बालश्रम से मुक्त कराया गया है। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यापीठ की अध्यक्ष प्रो. चित्रा पुरोहित ने की।
प्रो. सिद्धार्थ शास्त्री ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इससे पहले सत्यार्थी ने विद्यापीठ का अवलोकन किया। उनके वनस्थली विद्यापीठ पहुंचने पर अध्यक्ष प्रो. चित्रा पुरोहित, उपाध्यक्ष प्रो. सिद्धार्थ शास्त्री, कुलपति प्रो. आदित्य शास्त्री, सह कुलपति प्रो.ईना शास्त्री, कोषाध्यक्ष प्रो. सुधा शास्त्री ने स्वागत किया।
सत्यार्थी ने शांताबाई कुटीर का अवलोकन किया। लक्ष्मीबाई मैदान में ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली। छात्राओं की घुड़सवारी, निशानेबाजी, चित्रकारी, फ्लाइंग क्लब आदि का अवलोकन किया। इसके बाद सुर मंदिर में शास्त्रीय संगीत एवं राजस्थानी लोक नृत्य कार्यक्रम देखा।
Published on:
7 Oct 2019, 10:44 AM IST
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