8 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

बेटे को डॉक्टर बनाने के लिए विदेश भेजा, आठ साल बाद आई उसकी मौत की खबर

समीपवर्ती गांव रेहटा (थाणा) के एमबीबीएस छात्र की जॉर्जिया में संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। मौत के एक सप्ताह बाद शव गांव रेहटा लाया जा सका। युवक की मौत के कारणों का पता नहीं चल पाया है।
less than 1 minute read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

उदयपुर

•

image

kamlesh sharma

•

Updated: 3 May 2023, 3:27 PM IST

mbbs_student.jpg

नयागांव (उदयपुर)। समीपवर्ती गांव रेहटा (थाणा) के एमबीबीएस छात्र की जॉर्जिया में संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। मौत के एक सप्ताह बाद शव गांव रेहटा लाया जा सका। युवक की मौत के कारणों का पता नहीं चल पाया है।

जानकारी के अनुसार रेहटा निवासी विशाल (27) पुत्र बंशीलाल पटेल की मौत हो गई। गत 25 अप्रेल को विशाल की मौत की सूचना मिलने पर गांव में शोक की लहर दौड़ गई। एक मई को एयर कार्गो से शव टिबीलसी जॉर्जिया से रवाना हुआ, जो मंगलवार को अहमदाबाद एयपोर्ट पहुंचा। परिजन शव लेकर गांव पहुंचे, जहां गमगीन माहौल में मंगलवार शव को अंतिम संस्कार किया गया।

यह भी पढ़ें : बहन ने शादी के एक दिन पहले भाई खोया, घर में मचा कोहराम

डिग्री के बाद भी आई रुकावटें
विशाल एमबीबीएस करने के लिए 2014 में जॉर्जिया गया था। टीएमए युनिवर्सिटी जॉर्जिया से डिग्री करने के बीच कोरोना काल के चलते विशाल को वहीं रुकना पड़ा। 25 दिसम्बर 2020 को डिग्री पूरी हुई तो विशाल ने भारत लौटने के प्रयास किए, लेकिन जॉर्जिया की एयरपोर्ट ऑथोरिटी ने स्वीकृति नहीं दी। आखिर जॉर्जिया के प्रधानमंत्री की सिफारिश के बाद विशाल को भारत आने की स्वीकृति मिली। लेकिन इसके बावजूद वह भारत नहीं लौट पाया।

यह भी पढ़ें : बेटे के कुआं पूजन के बांटने गया था कार्ड, हादसे में हो गई मौत, घर में मचा कोहराम

शव लाने में करनी पड़ी मशक्कत
इकलौते बेटे की मौत की सूचना पर परिवार हताश हो गया। पिता बंशीलाल ने बेटे का शव भारत लाने के प्रयास किए, लेकिन पासपोर्ट नहीं मिला। डुप्लीकेट पासपोर्ट बना तब प्रक्रिया बढ़ी। आरमेनिया स्थित इंडियन एम्बेसी से संपर्क किया तो शव भारत पहुंचाने का खर्चा परिजनों को वहन करने की बात कही। इस पर पिता ने प्राइवेट कार्गो कम्पनी को राशि भिजवाई, तब शव भारत लाने की प्रक्रिया शुरू हुई।