
सिंहस्थ, प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source - Patrika)
Simhastha 2028:मध्यप्रदेश के उज्जैन शहर में सिंहस्थ की तेजी से तैयारियां चल रही है। सिंहस्थ 2028 के दौरान रेलवे स्टेशन पर लाखों श्रद्धालुओं और यात्रियों की आवाजाही बढऩे की संभावना है। ऐसे में स्टेशन पर बदमाशों पर नजर रखने, भीड़ के दबाव, धक्का-मुक्की और भगदड़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए रेलवे तकनीक का सहारा ले रहा है। अब स्मार्ट कैमरों की मदद से कंट्रोल रूम में बैठे सुरक्षाकर्मी यह देख सकेंगे कि स्टेशन के किस हिस्से में भीड़ बढ़ रही है और कहां यात्री फंसे हुए हैं। किसी प्लेटफॉर्म, प्रवेश द्वार या रास्ते पर यात्रियों का दबाव बढ़ते ही वहां अतिरिक्त जवान भेजकर व्यवस्था संभाली जा सकेगी। इस व्यवस्था का फायदा उन परिवारों को भी मिल सकेगा, जिनके बच्चे या परिजन भीड़ में बिछड़ जाते हैं। कैमरों में लगी फेस रिकग्निशन सिस्टम (एफआरएस) तकनीक से गुमशुदा बच्चों और परिजनों को तलाशा जा सकेगा।
इसके अलावा पुलिस के रिकॉर्ड में दर्ज वांछित अपराधियों का चेहरा कैमरे में कैद होने पर सिस्टम कंट्रोल रूम को अलर्ट भेजेगा। इससे स्टेशन पर संदिग्ध गतिविधियों पर भी नजर रखी जा सकेगी। रेलवे ने स्टेशन के इंटीग्रेटेड सीसीटीवी सर्विलांस सिस्टम के तहत फेस रिकग्निशन सिस्टम सक्रिय कर दिया है। प्रमुख स्थानों पर एफआरएस तकनीक वाले बुलेट कैमरे लगाए जा रहे हैं। इन कैमरों को मुख्य सुरक्षा कंट्रोल रूम से जोड़ा गया है, जहां सुरक्षाकर्मी 24 घंटे निगरानी करेंगे। सिंहस्थ को देखते हुए इंदौर और उज्जैन स्टेशन पर मिलाकर 800 से ज्यादा कैमरे लगाए जा रहे हैं।
सिंहस्थ के दौरान स्टेशन पर श्रद्धालुओं की आवाजाही बढऩे से प्लेटफॉर्म और प्रवेश-निकास द्वारों पर दबाव बढ़ सकता है। इसलिए कैमरों से मिलने वाली लाइव तस्वीरों के आधार पर कंट्रोल रूम तत्काल स्थिति का आंकलन कर सकेगा। जहां यात्रियों की भीड़ ज्यादा होगी या आवागमन बाधित होगा, वहां आरपीएफ, जीआरपी और रेलवे कर्मचारियों को भेजा जाएगा। इससे यात्रियों को परेशानी से बचाने और आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही दूसरे जिले या राज्यों से फरारी काटने के लिए आने वाले फरार बदमाशों की पहचान करके तुरंत अलर्ट भेजा जा सकेगा।
Updated on:
3 Nov 2026, 3:08 PM IST
Published on:
3 Nov 2026, 3:08 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.