लखनऊ: उत्तर प्रदेश में बिजली कंपनियों के निजीकरण की तैयारी चल रही है, जबकि सरकारी विभागों पर ही बिजली कंपनियों का 15,569 करोड़ रुपये का भारी बकाया है। बिजली कर्मचारी संगठन इसे 'लूट का दस्तावेज' बता रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि सरकार पहले बकाया वसूल करे, जिससे कंपनियां घाटे से उबर सकें।