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सीएम योगी की पुलिस को बड़ा झटका, बाहुबली मुख्तार अंसारी के करीबी अतुल राय को नहीं भेज पायी जेल

चुनाव परिणाम आने के बाद सक्रिय हुई थी पुलिस, जानिए क्या है कहानी
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वाराणसी

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Devesh Singh

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Updated: 11 Dec 2017, 11:59 AM IST

Muktar Ansari and Atul Rai

Muktar Ansari and Atul Rai

वाराणसी. सीएम योगी आदित्यनाथ की पुलिस को तगड़ा झटका लगा है। मुख्तार अंसारी के करीबी अतुल राय को पुलिस ने पकड़ तो लिया था, लेकिन जेल भेजने में विफल साबित हुई है। पुलिस ने अतुल राय व उसके एक साथी को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया था, जहां पर लंबी बहस के बाद कोर्ट ने अतुल राय को जमानत दे दी है। खास बात है कि अतुल राय पर जुलाई में लंका थाना क्षेत्र के डाफी स्थित टोल प्लाजा पर हवाई फायरिंग करने का आरोप लगा था और पुलिस ने निकाय चुनाव खत्म हो जाने के बाद दिसम्बर में उन्हें पकड़ा है, जबकि इस मामले में अतुल राय पहले से ही हाईकोर्ट से जमानत ले चुके थे।
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सजातीय समाज के सम्मेलन में शामिल होने के लिए गाजीपुर निवासी व बसपा नेता अतुल राय बनारस में आये थे और सम्मेलन में जाने से पहले ही क्राइम ब्रांच ने अतुल राय व उनके साथी शोभित उर्फ गोलू को पकड़ लिया था। सारनाथ में घंटों पूछताछ के बाद दोनों को लंका पुलिस के हवाले किया गया था कोर्ट में लंका पुलिस ने ही डाफी टोल प्लाजा मामले में दोनों लोगों को पेश किया था जहां पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने बसपा नेता अतुल राय को जमानत दे दी है, जबकि उनके साथी शोभित को जेल भेज दिया है। बसपा नेता को जमानत मिलने से सीएम योगी आदित्यनाथ की पुलिस को तगड़ा झटका लगा है।
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गाजीपुर निकाय चुनाव में लगा है बीजेपी को तगड़ा झटका
गाजीपुर निकाय चुनाव में बीजेपी को तगड़ा झटका लगा है। बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी व दबंग अतुल राय के सहयोग से बीएसपी ने यहां पर जीत दर्ज की है। सैदपुर व बहादुरगंज नगर पंचायत अध्यक्ष के साथ जमानियां व मोहम्मदाबाद नगर पालिका परिषद में बसपा प्रत्याशी को चुनाव जिताया था। चर्चा है कि ६ जुलाई को टोल प्लाजा पर फायरिंग हुई थी और निकाय चुनाव का परिणाम आने के बाद कार्रवाई होना संकेत करता है कि उपर के इशारे से ही पुलिस सक्रिय हुर्ई है।
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मनोज सिन्हा के लिए परेशानी का सबब बन सकते अतुल राय
बीजेपी के केन्द्रीय मंत्री मनोज सिन्हा के लिए अतुल राय परेशानी का सबब बन सकते हैं। गाजीपुर को मनोज सिन्हा का गढ़ माना जाता है और यहां पर सजातीय वोट बैंक में अतुल राय तेजी से सेंधमारी कर रहे हैं। सार्वजनिक कार्यक्रम में अतुल राय ने मनोज सिन्हा पर राजीनितक निशाना भी साधा था पुलिस की कार्रवाई को इससे भी जोड़ कर देखा जा रहा है।
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मुख्तार अंसारी के करीबी हैं अतुल राय
अतुल राय को बाहुबली मुख्तार अंसारी को करीबी माना जाता है। मुख्तार अंसारी के धंधों को देखने के साथ ही राजनीतिक विरासत बढ़ाने में भी अतुल राय का योगदान होता है। बीएसपी का दामन थामने के बाद मुख्तार अंसारी व उनके खास लोगों ने कई चुनाव जीता है, जिसमे अतुल राय की भी भूमिका रहती है। बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय की हत्या का आरोप लगने के बाद भूमिहार वर्ग के वोटर मुख्तार अंसारी से दूर हो गये थे और इन वोटरों को साधने में भी अतुल राय की भूमिका होती है।
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