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वाराणसी में ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी मामले की अब दो नवंबर को होगी सुनवाई, सभी आवेदन खारिज

Gyanvapi Shringar Gauri case शुक्रवार को जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश ने मां श्रृंगार गौरी मामले में पक्षकार बनने के लिए दिए गए सभी आवेदन को खारिज कर दिया।  
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वाराणसी

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Sanjay Kumar Srivastava

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Updated: 21 Oct 2022, 5:40 PM IST

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वाराणसी में ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी मामले की अब दो नवंबर को होगी सुनवाई, सभी आवेदन खारिज

वाराणसी स्थित ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी मामले की सुनवाई करते हुए शुक्रवार को जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश ने मां श्रृंगार गौरी मामले में पक्षकार बनने के लिए दिए गए सभी आवेदन को खारिज कर दिया। इसके बाद ज्ञानवापी परिसर में बंद तहखाने के सर्वे के आवेदन पर वादी हिंदू पक्ष की मांग पर कोर्ट ने सुनवाई की। इस मामले में मुस्लिम पक्ष ने आपत्ति दाखिल करने के लिए समय मांगा। इस पर कोर्ट ने 100 रुपए का हर्जाना लगाया। इसके साथ ही मामले की सुनवाई की अगली तिथि दो नवंबर तय की। कारमाइकल लाइब्रेरी में मिली गणेश-लक्ष्मी की मूर्ति सुरक्षित व संरक्षित करने के राखी सिंह के आवेदन पर भी दो नवंबर को ही सुनवाई होगी। साथ ही उसी दिन वाद बिंदु भी तय होना है।

कोर्ट ने आदेश रखा था सुरक्षित

ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी मामले पक्षकार बनने के लिए कुल 16 लोगों ने आवेदन दिया था। जिसमें से पांच लोगों का आवेदन जिला जज ने पिछली सुनवाई (18 अक्तूबर) में खारिज किया था। 8 लोगों का आवेदन अनुपस्थित रहने के कारण पहले ही खारिज हो गया था। शेष तीन अन्य आवेदन पर सुनवाई के बाद अदालत ने अपना आदेश शुक्रवार के लिए सुरक्षित रख लिया था।

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कोर्ट ने हमारी मांग मान ली

पिछली सुनवाई में हिंदू पक्ष के अधिवक्ता सुभाष नंदन चतुर्वेदी व सुधीर त्रिपाठी ने बताया था कि कोर्ट ने हमारी मांग मान ली है। जिसमें वादी पक्ष की सहमति के बगैर पक्षकार बनाने का विरोध किया गया था। श्रृंगार गौरी की नियमित पूजा करने की इजाजत देने के लिए जिन महिलाओं ने याचिका डाली थी, उन्होंने किसी को भी पक्षकार बनाने से इनकार कर दिया था।

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पक्षकार बनाने से इनकार

याचिका डालने वाली वादी महिलाएं सीता साहू, मंजू व्यास, रेखा पाठक और लक्ष्मी देवी ने कहा है कि उन्हें इस केस में किसी को भी पक्षकार बनाने की जरूरत नहीं है। मामले में सुनवाई के लिए वह पर्याप्त हैं।

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