
वाराणसी नगर निगम, फाइल फोटो (Pc-Vijendra Mishra)
Varanasi Nagar Nigam Initiative: काशी को स्वच्छ और सुन्दर बनाने की दिशा में वाराणसी नगर निगम ने इलेक्ट्रॉनिक कचरे (ई-कबाड़) के सुरक्षित निस्तारण के लिए नई पहल शुरू की है। शहर के ई-वेस्ट को सामान्य कचरे में जाने से रोकने के लिए नगर निगम ने 'एडमायबिन' संस्था को अधिकृत किया गया है। अब संस्था घर-घर जाकर पुराने और खराब इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का संग्रह करेगी। सबसे बड़ी बात यह है कि ई-वेस्ट देने वाले नागरिकों को संस्था की ओर से उसका उचित भुगतान भी किया जाएगा।
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि ई-वेस्ट संग्रह की सुविधा केवल घरों तक ही सीमित नहीं रहेगी। उन्होंने बताया कि प्राइवेट व सरकारी कार्यालयों, स्कूल-कॉलेजों, विभिन्न संस्थानों, उद्योगों और बल्क वेस्ट जनरेटरों से भी पुराने इलेक्ट्रॉनिक उपकरण एकत्र किए जाएंगे। इसके साथ ही नगर निगम की तरफ से शहर के लोगों को ई-वेस्ट के सुरक्षित निस्तारण को लेकर जागरूक करने के लिए विशेष सत्र और संग्रह अभियान भी चलाए जाएंगे।
नगर निगम ने वाराणसी के लोगों से अपील की है कि खराब और बेकार हो चुके पुराने इलेक्ट्रॉनिक सामान को सामान्य कचरे में न डालें। इसे अलग रखकर नगर निगम की अधिकृत संस्था को ही सौंपें, ताकि इसका सुरक्षित तरीके से निस्तारण और रिसाइकिलिंग हो सके। ई-वेस्ट पिकअप बुक कराने के लिए शहर के लोग क्यूआर कोड के माध्यम से या हेल्पलाइन नंबर 8335955000 पर नगर निगम संपर्क कर सकते हैं। संपर्क करने के बाद संस्था सीधे उस व्यक्ति के घर या दफ्तार जाएगी और सामान एकत्र करेगी। बदले में मौके पर ही उसे उसका भुगतान भी कर दिया जाएगा।
नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी संदीप श्रीवास्तव ने बताया कि इस अभियान के तहत कंप्यूटर, लैपटॉप, मॉनिटर, मोबाइल, टैबलेट, प्रिंटर, स्कैनर, रेफ्रिजरेटर, फ्रीजर, वॉशिंग मशीन, ड्रायर, एसी, गीजर, माइक्रोवेव, किचन उपकरण, बैटरी, सेल, चार्जर, केबल, राउटर, स्विच, स्टेबलाइजर, इनवर्टर, यूपीएस और सर्किट बोर्ड समेत विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक सामानों का संग्रह किया जाएगा। इसके अलावा होम थिएटर, ऑडियो सिस्टम और एलईडी, एलसीडी व सीआरटी टीवी भी दिए जा सकेंगे।
उन्होंने बताया कि ई-वेस्ट देने के लिए नागरिकों को पहले हेल्पलाइन नंबर या क्यूआर कोड के जरिए ही संपर्क करना होगा। इसके बाद निगम और संस्था पिकअप की तारीख और सुविधाजनक समय तय करेगी। तारीख और समय तय होने के बाद एडमायबिन की टीम संबंधित स्थान पर पहुंचकर ई-वेस्ट इकठ्ठा करेगी और उसी समय उसका उचित मूल्य भी देगी। इसके बाद एकत्र किए गए इलेक्ट्रॉनिक कचरे को अधिकृत चैनलों के माध्यम से साइंटिफिक तरीके से रिसाइकिलिंग के लिए भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि इससे शहर तो साफ होगा ही, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से निकलने वाले और रीसायकल होने वाले सामानों का फिर से उपयोग किया जा सकेगा।
Updated on:
25 Sept 2026 04:14 pm
Published on:
25 Sept 2026 04:14 pm
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